SGPC की बैठक में हुआ फैसला, हवारा की पैरोल और बंदी सिंहों की रिहाई के लिए 27 अगस्त से होगा धार्मिक कार्यक्रम
शिरोमणि कमेटी ने हवारा की पैरोल और बंदी सिंहों की रिहाई के लिए 27 अगस्त से अखंड पाठ शुरू करने का फैसला किया। खालसा वाहिर को भी मंजूरी मिली।

एसजीपीसी की बैठक।
HighLights
बंदी सिंहों की रिहाई, हवारा की पैरोल के लिए धार्मिक कार्यक्रम।
27 अगस्त से ऐतिहासिक गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ साहिब।
खालसा वाहिर को मंजूरी, सुखबीर बादल पर हमले की कड़ी निंदा।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अंतरंग कमेटी की बैठक शनिवार को एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सिख धार्मिक मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई और विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल और बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा प्रमुख रहा।
बैठक में तय किया गया कि 27 अगस्त को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधन वाले ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में श्री अखंड पाठ साहिब शुरू करवाए जाएंगे। इनका भोग 29 अगस्त को डाला जाएगा। इसके बाद बंदी सिंहों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल के लिए अरदास की जाएगी। कमेटी ने इस कार्यक्रम को लेकर आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश भी दिए हैं।
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आनंदपुर साहिब तक निकलेगी खालसा वाहिर
बैठक में 23 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब से तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब तक निकाली जाने वाली खालसा वाहिर को लेकर भी चर्चा हुई। कमेटी ने इस धार्मिक मार्च को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसका उद्देश्य संगत को धार्मिक रूप से जागरूक करना और सिख परंपराओं से जोड़ना बताया गया है।
खालसा वाहिर के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए संबंधित प्रबंधों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
सुखबीर बादल पर हमले की निंदा
बैठक में नांदेड़ साहिब में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए जानलेवा हमले की भी कड़ी निंदा की गई। अंतरंग कमेटी ने इस संबंध में निंदा प्रस्ताव पारित किया। कमेटी ने घटना के पीछे साजिश करने वालों की पहचान कर मामले की गहराई से जांच करने की मांग की।
बैठक में कहा गया कि धार्मिक स्थलों और प्रमुख धार्मिक-सामाजिक नेताओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कमेटी ने संबंधित पक्षों से घटना की जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की।
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अन्य अहम फैसलों पर हुआ विचार
इसके अलावा बैठक में गुरुद्वारा धारा 85, गुरुद्वारा धारा 87, धर्म प्रचार कमेटी और शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित कामकाज की समीक्षा की गई। रोजमर्रा के प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। कमेटी ने धार्मिक प्रचार, गुरुद्वारा प्रबंधन और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
