यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अकाल तख्त साहिब को स्पष्टीकरण देने वाले पूर्व मंत्रियों की संख्या पहुंची 10, आज परमिंदर-सोहन और बीबी जागीर ने दी सफाई
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के द्वारा जारी फरमान के बाद से अब तक अकाली सरकार के पूर्व 10 मंत्री स्पष्टीकरण सौंप चुके हैं। बता द ...और पढ़ें

HighLights
- अकाल तख्त साहिब में 10 पूर्व मंत्रियों दे चुके हैं स्पष्टीकरण
- पूर्व अकाली सरकार के अभी 7 और मंत्रियों को देना है स्पष्टीकरण
- हाल ही में सुखबीर सिंह बादल ने भी दी थी स्पष्टीकरण
जागरण संवाददाता, अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की तरफ से जारी फरमान के बाद से पूर्व अकाली सरकार के मंत्रियों के स्पष्टीकरण का दौरा जारी है।
पूर्व अकाली मंत्री एवं बागी नेता परमिंदर सिंह ढींडसा के बाद अब पूर्व अकाली मंत्री एवं बागी नेत्री बीबी जागीर कौर ने भी श्री अकाल तक साहिब सचिवालय में अपना स्पष्टीकरण पीए जसपाल सिंह को दे दिया है। इससे पहले सुबह 11:30 बजे पूर्व मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने भी अपना स्पष्टीकरण श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपा था।
10 पूर्व मंत्रियों दे चुके हैं स्पष्टीकरण
बीबी जागीर कौर के स्पष्टीकरण देने के बाद अब स्पष्टीकरण देने वाले पूर्व मंत्रियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। शेष सात पूर्व मंत्रियों द्वारा अभी स्पष्टीकरण दिया जाना बाकी है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की तरफ से 30 अगस्त को जारी फरमान के तहत कुल 17 पूर्व मंत्रियों को 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देना है।
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सुखबीर बादल को किया गया था तनखैया घोषित
बता दें कि पूर्व अकाली सरकार के दौरान साल 2007 से लेकर 2017 तक हुई गलतियों और बजर गुनाहों को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम एवं शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल को तनखैया घोषित किया था।
जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा था कि जब तक शिअद प्रमुख अपनी सरकार के दौरान हुई गलतियों और बजर गुनाहों के लिए अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते हैं, तब तक वह तनखैया घोषित रहेंगे। इससे पहले सुखबीर बादल ने अकाल तख्त पहुंचकर स्पष्टीकरण दिया था।
खबरें और भी
जेत्थदार ज्ञानी रघबीर सिंह के फैसले को शिरोमणि अकाली दल ने स्वीकार करते हुए कहा था कि अकाल तख्त साहिब की तरफ से जो भी फैसला सुनाया जाएगा, उसको सिर झुकाकर स्वीकर करेंगे।