बाबा बकाला में सुखबीर बादल का विपक्ष पर हमला, बोले- अकाली दल कमजोर हुआ तो पंजाब के अधिकारों पर बढ़ा खतरा
सुखबीर बादल ने माझा को अकाली दल का मजबूत गढ़ बताते हुए कहा कि पार्टी को कमजोर करने से पंजाब के अधिकारों और पंथक संस्थाओं को नुकसान पहुंचता है।

अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे सुखबीर बादल नतमस्तक होते हुए।
HighLights
सुखबीर बादल ने रक्खड़ पुन्नियां मेले में अकाली दल मजबूत करने की अपील।
कमजोर अकाली दल से पंजाब के अधिकारों और पंथक संस्थाओं को खतरा।
माझा क्षेत्र को शिरोमणि अकाली दल का मजबूत गढ़ बताया गया।
जागरण संवाददाता, बाबा बकाला साहिब। रक्खड़ पुन्नियां मेले के दौरान शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने माझा को पार्टी का मजबूत गढ़ बताते हुए कार्यकर्ताओं से अकाली दल को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि माझा के लोगों ने हमेशा अकाली दल का साथ दिया है। पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात पर उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य दलों पर भी निशाना साधा।
सुखबीर बादल ने अस्सी के दशक के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में पंजाब ने तबाही का दौर देखा और कई परिवारों ने अपने बच्चों को खोया। इसके विपरीत उन्होंने अकाली दल की सरकारों के दौरान प्रदेश में अमन-शांति, भाईचारिक सांझ और विकास का माहौल होने का दावा किया।
उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकारों के दौरान गुंडागर्दी पर लगाम लगी और लोगों में सुरक्षा की भावना थी। सुखबीर ने दावा किया कि पिछले करीब दस वर्षों में पंजाब विकास के मामले में पीछे चला गया है।
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अकाली दल को कमजोर करना निशाना
सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां अकाली दल के खिलाफ बोल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अन्य दल एक-दूसरे के खिलाफ उतना मुखर नहीं होते, जितना शिरोमणि अकाली दल को निशाना बनाया जाता है। उनके अनुसार इसका उद्देश्य पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी को कमजोर करना है।
उन्होंने कहा कि अकाली दल केवल राजनीतिक दल नहीं, बल्कि पंजाब की क्षेत्रीय आवाज है। पंजाब के हितों और क्षेत्रीय अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी को मजबूत करना जरूरी है।
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पंथक संस्थाओं को लेकर जताई चिंता
सुखबीर ने कहा कि जब अकाली दल मजबूत था तो केंद्र सरकार की हिम्मत नहीं थी कि वह गुरुद्वारा प्रबंध में दखल दे। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कमजोर होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को कमजोर करने और हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंध की व्यवस्था जैसे कदम सामने आए।
उन्होंने कहा कि अकाली दल को कमजोर करने का सीधा असर पंजाब के अधिकारों और पंथक संस्थाओं पर पड़ता है। कार्यकर्ताओं से उन्होंने पार्टी को मजबूत करने और पंजाब की क्षेत्रीय आवाज को बुलंद रखने का आह्वान किया।
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