पुलिस सुरक्षा के लिए खुद पर ही फेंका पेट्रोल बम! बठिंडा में फर्जी साजिश का हुआ पर्दाफाश, दो आरोपी फरार
बठिंडा में पुलिस सुरक्षा लेने के लिए फर्जी पेट्रोल बम हमला करवाने की साजिश का खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार, जबकि रंजीत और अमृतपाल अब भी फरार हैं।

ये प्रतिकात्मक तस्वीर है।
HighLights
पुलिस सुरक्षा के लिए फर्जी पेट्रोल बम हमला करवाया गया।
मुख्य आरोपी के भाई सहित दो आरोपी अभी भी फरार।
रंजीत सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। पुलिस सुरक्षा हासिल करने के लिए अपने ही घर पर फर्जी पेट्रोल बम हमला करवाने के मामले में आठ दिन बाद भी दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। फरार आरोपियों में मामले का मुख्य आरोपी हरजीत सिंह उर्फ भाऊ का भाई रंजीत सिंह और वारदात को अंजाम देने का आरोपित अमृतपाल सिंह शामिल हैं।
रंजीत सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। इस पर 9 सितंबर को सुनवाई होगी। थाना कैंट के एसएचओ दलजीत सिंह ने बताया कि दोनों फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस उनकी संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ तकनीकी जांच के आधार पर भी सुराग जुटा रही है।
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सुरक्षा हासिल करने के लिए करवाया हमला
पुलिस जांच के अनुसार, भुच्चो खुर्द निवासी हरजीत सिंह और उसके भाई रंजीत सिंह ने सुरक्षा हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी हमले की साजिश रची थी। इसके लिए पहले मलेशिया में रह रहे एक रिश्तेदार के माध्यम से मोबाइल फोन पर धमकी भरे संदेश भेजे गए। इसके बाद तरनतारन के झबाल निवासी अनमोलप्रीत सिंह उर्फ मोला और अमृतपाल सिंह को कथित तौर पर करीब दो हजार रुपये में हमला करने के लिए तैयार किया गया।
जांच में सामने आया कि 26 अगस्त की रात हमले की रिहर्सल भी करवाई गई थी। इसके लिए पहले पानी से भरी बोतल घर की तरफ फेंकी गई। इसके बाद पेट्रोल से भरी बोतल फेंककर वारदात को अंजाम दिया गया। अगले दिन 27 अगस्त को अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई।
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जांच में सामने आया सच
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी जांच से मिले तथ्यों को भी जोड़ा गया। जांच आगे बढ़ने पर कथित साजिश का पर्दाफाश हुआ और पुलिस ने मुख्य आरोपी हरजीत सिंह तथा अनमोलप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
अब रंजीत सिंह और अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। रंजीत की अग्रिम जमानत याचिका पर 9 सितंबर को होने वाली सुनवाई के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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