Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    1.89 करोड़ लेकर जमीन बेच कब्जा दिया, फिर रातोंरात बदली नीयत; बठिंडा में दो भाइयों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 12:17 PM (IST)

    जमीन बेचकर कब्जा देने के बाद विवाद खड़ा करने का आरोप। दो भाइयों पर 1.89 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज, जांच जारी। ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

    HighLights

    1. बठिंडा में 1.89 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी का मामला।

    2. जमीन बेचकर कब्जा देने के बाद विवाद खड़ा किया।

    3. दो भाइयों रंजीत सिंह और करमजीत सिंह पर केस।

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा करोड़ों रुपये का विवाद पुलिस तक पहुंच गया है। जमीन बेचने, पूरी रकम लेने और खरीदारों को कब्जा सौंपने के बाद उसी जमीन पर दोबारा विवाद खड़ा करने तथा कब्जे में दखल देने के आरोप में थाना सदर बठिंडा पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। आरोपितों की पहचान गांव चक बख्तू निवासी रंजीत सिंह और उसके भाई करमजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने यह मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया है।

    पुलिस को दी शिकायत में भागू रोड निवासी सतवीर सिंह और गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव कटार सिंह वाला में स्थित चार कनाल नौ मरले दो सरसाई जमीन रंजीत सिंह से खरीदी थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार छह मई 2026 को जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई और इसके बदले कुल एक करोड़ 89 लाख 59 हजार 722 रुपये का भुगतान किया गया।

    यह भी पढ़ें- NHAI अधिकारी बन टोल प्लाजा का सपना दिखाया, बठिंडा में कारोबारी से 2.40 करोड़ ठगे; पैसे मांगने पर दी धमकी

    रजिस्ट्री के बाद दिलवाया कब्जा

    शिकायत के अनुसार रजिस्ट्री पूरी होने के बाद आरोपित ने मौके पर खरीदारों को जमीन का कब्जा भी दिलवाया। दोनों पक्षों की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश करवाई गई और खरीदारों ने अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए वहां खंभे और तार भी लगवा दिए। उस समय आरोपित के भाई करमजीत सिंह ने भी किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई थी।

    खबरें और भी

    पीड़ितों का आरोप है कि कुछ समय बाद दोनों भाइयों ने मिलकर जमीन पर लगाए गए खंभे और तार उखाड़ने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, खरीदारों के नाम होने वाले इंतकाल को भी रुकवाने की कोशिश की गई, ताकि जमीन पर दोबारा विवाद खड़ा किया जा सके।

    यह भी पढ़ें- मोगा में दर्दनाक हादसा, अपनी ही लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली गोली; युवा वकील की मौत से इलाके में शोक

    बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की हुई जांच

    पुलिस जांच के दौरान जमीन के सौदे से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेन-देन और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि इस सौदे में गुरदीप सिंह और दर्शन सिंह नामक डीलरों की भी भूमिका थी। दोनों ने पुलिस को बताया कि जमीन का सौदा पहले से तय हो चुका था।

    जांच रिपोर्ट के अनुसार खरीदारों ने सबसे पहले 50 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में दिए थे। इसके बाद रजिस्ट्री से पहले 30 लाख रुपये बैंक के माध्यम से रंजीत सिंह के खाते में भेजे गए। रजिस्ट्री वाले दिन भी नौ लाख चार हजार रुपये बैंक से स्थानांतरित किए गए, जबकि शेष राशि नकद दिए जाने की बात सामने आई है।

    वीडियो और लिखित दस्तावेज भी बने अहम साक्ष्य

    पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि जमीन की निशानदेही और पैमाइश के समय रंजीत सिंह स्वयं मौके पर मौजूद था। आर्किटेक्ट द्वारा तैयार नक्शा और मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई है।

    जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि रंजीत सिंह ने खरीदारों को कब्जा देने और भविष्य में किसी भी विवाद की जिम्मेदारी स्वयं लेने संबंधी लिखित दस्तावेज भी दिए थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    यह भी पढ़ें- पंजाब में धार्मिक पर्यटन की रिकॉर्ड भीड़, फिर भी विदेशी सैलानी हुए दूर; चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने