NHAI अधिकारी बन टोल प्लाजा का सपना दिखाया, बठिंडा में कारोबारी से 2.40 करोड़ ठगे; पैसे मांगने पर दी धमकी
टोल प्लाजा दिलाने का झांसा देकर कारोबारी से 2.40 करोड़ रुपये ठगने का आरोप। पांच लोगों पर केस दर्ज, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी। ...और पढ़ें

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HighLights
बठिंडा में कारोबारी से 2.40 करोड़ रुपये की ठगी।
खुद को NHAI अधिकारी बताकर निवेश का झांसा दिया।
पैसे मांगने पर आरोपियों ने दी आत्महत्या की धमकी।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। टोल प्लाजा दिलाने और सरकारी योजनाओं में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। बठिंडा के एक कारोबारी ने आरोप लगाया है कि खुद को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर उससे करीब दो करोड़ 40 लाख रुपये ठग लिए।
पीड़ित की शिकायत पर थाना थर्मल पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में नई बस्ती निवासी कार कारोबारी राम सरूप सिंगला ने बताया कि उसकी आरोपित राकेश गोयल से करीब चार-पांच वर्ष पहले जान-पहचान हुई थी।
इसी परिचय का लाभ उठाते हुए राकेश गोयल ने खुद को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से जुड़ा अधिकारी बताया और उसे टोल प्लाजा का काम दिलाने का भरोसा दिया। इसके अलावा एक्सग्रेसिया रोड स्ट्रेच और अन्य सरकारी योजनाओं में निवेश करने पर अच्छा लाभ मिलने का दावा भी किया।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपित की बातों पर भरोसा कर उसने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से पैसे जुटाए। इसके बाद अपनी फर्म के बैंक खाते से आरोपित की फर्म के खाते में करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये स्थानांतरित किए। बाद में अन्य लेन-देन के साथ कुल रकम करीब दो करोड़ 40 लाख रुपये तक पहुंच गई।
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फर्जी बैंक खाता बताकर कराया लेन-देन
कारोबारी का आरोप है कि राकेश गोयल ने पंजाब एंड सिंध बैंक का एक बैंक खाता भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का आधिकारिक खाता बताकर उसमें रुपये जमा करवाए। जब उसे संदेह हुआ और उसने बैंक से जानकारी ली, तब पता चला कि वह खाता राकेश गोयल के नाम पर था और उसका भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कोई संबंध नहीं था।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपित ने एचडीएफसी बैंक का एक यूटीआर नंबर भेजकर भुगतान होने का भरोसा दिया, लेकिन जांच में वह लेन-देन सही नहीं निकला। पीड़ित ने पुलिस से संबंधित बैंक खाते और यूटीआर नंबर की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
सरकारी दस्तावेज और ई-मेल का इस्तेमाल करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विश्वास जीतने के लिए आरोपित ने सरकारी दस्तावेजों और ई-मेल का सहारा लिया। इतना ही नहीं, उसकी फर्म की ई-मेल आईडी भी हैक कर उसमें मौजूद डाटा मिटा दिया गया। हालांकि पीड़ित का दावा है कि उसके बेटे ने कुछ महत्वपूर्ण डाटा दोबारा प्राप्त कर लिया है, जिसे पुलिस को सौंपा जाएगा।
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रुपये मांगे तो आत्महत्या की दी धमकी
राम सरूप सिंगला का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपितों ने अलग-अलग तरीके से दबाव बनाना शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार राकेश गोयल ने उसके और उसके बेटे के मोबाइल पर आत्महत्या से जुड़े वीडियो भेजे और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की।
कारोबारी ने आरोप लगाया कि राकेश गोयल की पत्नी सिफाली गोयल, जीजा योगेश गर्ग, साला दविंदर गर्ग और चालक गुरदीप सिंह भी पूरे मामले में शामिल रहे तथा सभी ने मिलकर समझौता करने का दबाव बनाया।
थाना थर्मल पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांचों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों, लेन-देन, दस्तावेजों, यूटीआर नंबर और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी।