बठिंडा में ट्रांसफार्मर पर करंट लगते ही झुलसा लाइनमैन, साथियों ने बचाई जान, अब सुरक्षा इंतजामों को लेकर रोष
बठिंडा के गुरुसर सैनेवाला में बिजली मरम्मत के दौरान लाइनमैन राम कृष्ण करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए। साथियों ने उन्हें जेसीबी से नीचे उतारकर एम्स ...और पढ़ें

घायल लाइनमैन को नीचे उतारते हुए कर्मचारी।
HighLights
बठिंडा में लाइनमैन को ट्रांसफार्मर मरम्मत में लगा करंट।
गंभीर रूप से झुलसे लाइनमैन को एम्स में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा जिले के गांव गुरुसर सैनेवाला में शनिवार को बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के एक लाइनमैन को ट्रांसफार्मर पर काम करते समय अचानक करंट लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद सहकर्मियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बंद करवाई और जेसीबी मशीन की सहायता से घायल कर्मचारी को ट्रांसफार्मर से सुरक्षित नीचे उतारा।
इसके बाद उन्हें तत्काल एम्स, बठिंडा में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल कर्मचारी की पहचान गांव गहरी बुट्टर निवासी राम कृष्ण के रूप में हुई है। वह पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं।
बताया जा रहा है कि वह गांव गुरुसर सैनेवाला में ताज फार्म के पास बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में बिजली प्रवाहित हो गई और उन्हें तेज करंट का झटका लगा। करंट लगने के बाद वह ट्रांसफार्मर पर ही बेसुध होकर लटक गए।
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एम्स में हालत गंभीर
मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करवाई और बचाव अभियान शुरू किया। ट्रांसफार्मर की ऊंचाई को देखते हुए जेसीबी मशीन की सहायता ली गई। काफी मशक्कत के बाद घायल लाइनमैन को सुरक्षित नीचे उतारा गया और एंबुलेंस के जरिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचाया गया। समय पर राहत मिलने से उनकी जान बच गई, लेकिन उनकी हालत अब भी चिंताजनक बताई जा रही है।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि फील्ड में काम करने वाले लाइनमैनों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, सेफ्टी किट और मानक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार पूरी तरह शटडाउन सुनिश्चित किए बिना ही कर्मचारियों को बिजली लाइनों पर काम करने के लिए भेज दिया जाता है, जिससे उनकी जान हमेशा जोखिम में रहती है।
कर्मचारियों ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सभी फील्ड कर्मचारियों को आधुनिक सुरक्षा उपकरण, इंसुलेटेड दस्ताने, सुरक्षा बेल्ट और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।