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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    1220 आरक्षित यात्रियों को लेकर चंडीगढ़ से रवाना हुई थी डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, पटरी से उतरते ही मच गई चीख पुकार, घायलों ने सुनाई आपबीती

    Updated: Thu, 18 Jul 2024 08:47 PM (IST)

    चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ ट्रेन हादसा अंबाला मंडल से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन में 19 बोगियां थीं और उसमें से 15 बोगियां उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में वीर ...और पढ़ें

    चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ ट्रेन हादसा: एसी कोच को सबसे अधिक नुकसान, मच गई चीख पुकार।
    चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ ट्रेन हादसा: एसी कोच को सबसे अधिक नुकसान, मच गई चीख पुकार।

    HighLights

    1. अचानक लोगों की चीखें सुनाई देने लगीं।
    2. देखते ही देखते ट्रेन के कई कोच पटरी से उतर गए।
    3. फ्रंट इंजन के साथ लगे कोच को सबसे ज्यादा नुकसान।

    विकास शर्मा, चंडीगढ़। देश में एक बार फिर रेलवे हादसा हुआ है। बीते दो साल में यह तीसरा बड़ा रेल हादसा है। बुधवार को रात 11:35 बजे 1220 आरक्षित रेलवे यात्रियों को लेकर डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) ट्रेन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से निकली। इसके बाद जब यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंची तभी पटरी से उतर गई। इसमें पांच एसी कोच थे और सबसे ज्यादा नुकसान फ्रंट इंजन के साथ लगे एसी कोच को हुआ है।

    वहीं इस ट्रेन में 19 बोगियां थीं, जिसमें सेकंड एसी एक, थर्ड एसी चार, 11 स्लीपर, तीन जनरल और एक पेंटरी कार थी। इस हादसे की खबर लगने के साथ ही चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लोगों का तांता भी लगना शुरू हो गया। अपने-अपने परिजनों का हाल पता करने के लिए लोगों में मारामारी का माहौल बना हुआ था।

    अचानक मच गई चीख पुकार

    ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री अभिषेक ने बताया कि वो सो रहा था कि अचानक लोगों की चीखें सुनने को मिलीं। देखते ही देखते ट्रेन के कई कोच पटरी से उतर गए। उन्होंने बताया कि जिस कोच में वह सफर कर रहा था, उसको ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन फ्रंट इंजन के साथ लगे कोच को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

    उन्होंने बताया कि हादसा दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ, जब यह ट्रेन गोंडा से करीब 20 किलोमीटर आगे गई थी। उन्होंने बताया कि उनका कोच भी पटरी से उतर गया था लेकिन उसे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। फ्रंट इंजन के साथ लगी बोगियों में से यात्रियों को कड़ी मशकत करने के बाद निकाला गया।

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    नहीं मिल रही अपनों की जानकारी

    रेलवे की ओर से चंडीगढ़ और अंबाला रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क लगा दिया गया है, जहां से लोग अपने परिजनों की जानकारी हासिल कर सकते हैं। लेकिन उसके बावजूद भी कइयों को अपनों की कोई सुध नहीं मिल रही है।

    एक महिला ने बताया कि उनका बेटा एसी कोच में ही सफर कर रहा था, लेकिन न तो उसका नंबर मिल रहा है और न ही कोई जानकारी। वहीं ऐसा ही हाल अन्य लोगों का है।

    अभी मौत की नहीं हुई पुष्टि

    अंबाला मंडल के अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ से 1220 यात्री ट्रेन में चढ़े थे। इनमें से कई बीच के कुछ स्टेशनों में उतरे भी होंगे और कई यात्री चढ़े भी होंगे। उनका कहना है कि हादसा काफी दूर हुआ है लेकिन वह वहां के अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में कितनी मौतें हुई हैं, अभी इसकी जानकारी नहीं दी जा सकती है।

    19 में से पलटीं 15 बोगियां

    अंबाला मंडल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन में 19 बोगियां थीं और उसमें से 15 बोगियां उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में वीरवार को पटरी से उतर गईं, जिसमें 2 यात्रियों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।

    ट्रेन की तो 15 बोगियां पटरी से उतरी है, उनमें से 4 बोगियां पलट गईं। इस हादसे के बाद लखनऊ से गोरखपुर रेल मार्ग अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है। लखनऊ से गोरखपुर जाने वाली सभी ट्रेनों के या तो रूट बदल दिए गए है या फिर कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है।

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    एसी कोच को सबसे ज्यादा नुकसान

    वहीं, सबसे ज्यादा नुकसान एयर कंडीशन कोच को हुआ है। डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हुई थी। हादसा दोपहर को गोंडा और बस्ती के बीच झिलाही रेलवे स्टेशन के पास हुआ। ट्रेन के पटरी से उतरते ही बोगियां पलट गईं, जिससे कई यात्री घायल हो गए।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंची और रेस्क्यू आपरेशन शुरू हुआ। घायलों को निकटतम अस्पतालों में पहुंचाया गया है।

    दो दिनों में तय करती है 2661 किमी का सफर

    डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) का संचालन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से रविवार और बुधवार को किया जाता है। यह ट्रेन चंडीगढ़ से चलने वाली मुख्य ट्रेनों में से एक है। इस ट्रेन में भी भारी संख्या में लोग सफर करते हैं। यह चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ तक चलने वाली प्रमुख ट्रेन भी है। दो दिनों के सफर में यह ट्रेन 2661 किमी की दूरी तय करती है।

    रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

    • लखनऊ का हेल्पलाइन नंबर है 8957409292
    • गोंडा का हेल्पलाइन नंबर है 8957400965
    • चंडीगढ़ स्टेशन हेल्पलाइन 0172-2639785
    • अंबाला कंट्रोल ऑफिस हेल्पलाइन नंबर 0171-2610653, 9729539026
    • सीवान हेल्पलाइन नंबर 9026624251
    • देवरिया हेल्पलाइन नंबर 8303098950
    • छपरा हेल्पलाइन नंबर 8303979217

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