चंडीगढ़ गोल्फ क्लब RTI के दायरे में आएगा या नहीं? 14 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई; फिलहाल फैसले पर रोक
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ गोल्फ क्लब को आरटीआई के दायरे में लाने के एकलपीठ के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अंतिम सुनवाई 14 अक् ...और पढ़ें

हाईकोर्ट से चंडीगढ़ गोल्फ क्लब को मिली बड़ी राहत।
HighLights
चंडीगढ़ गोल्फ क्लब को फिलहाल बड़ी राहत।
किराया को लेकर दी चुनौती आई काम।
खंडपीठ ने दलीलें सुनने के बाद तारीख तय की।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ गोल्फ क्लब को सूचना का अधिकार (आरटीआइ) अधिनियम, 2005 के तहत 'पब्लिक अथारिटी' घोषित करने वाले एकलपीठ के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है।
जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने क्लब की अपील पर नोटिस आफ मोशन जारी करते हुए मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया। खंडपीठ ने क्लब को अंतरिम राहत भी प्रदान की।
क्लब की ओर से अदालत में बताया गया कि 29 मई को एकलपीठ ने उसकी याचिका खारिज करते हुए उसे पब्लिक अथाॅरिटी घोषित किया था। यह निर्णय मुख्य रूप से दो आधारों पर दिया गया था।
पहला आधार यह था कि क्लब चंडीगढ़ प्रशासन को बाजार मूल्य के एक प्रतिशत से भी कम किराया दे रहा था, जिससे यह सरकारी भूमि रियायती दर पर लीज पर मिलने का मामला बनता है।
क्लब ने इस निष्कर्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वह अब आकलित बाजार मूल्य के अनुरूप किराया अदा कर रहा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया कि 'केवल सब्सिडी प्राप्त होने के आधार पर किसी संस्था को 'पब्लिक अथाॅरिटी' नहीं कहा जा सकता।'
दूसरे आधार के संबंध में क्लब ने तर्क दिया कि एकलपीठ ने यह माना था कि 15 सदस्यीय बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में सरकार के तीन सदस्य होने से प्रशासन का पर्याप्त नियंत्रण स्थापित होता है।
क्लब ने कहा कि तीन सदस्यों की भूमिका, भले ही उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त हो, बोर्ड में बहुमत नहीं बनाती। क्लब ने अदालत को बताया कि इन नामित सदस्यों का दायित्व केवल यह सुनिश्चित करना है कि क्लब की संपत्ति को नुकसान न पहुंचे और चंडीगढ़ प्रशासन के नियमों का पालन हो।
एक पक्षकार ने नोटिस स्वीकार करते हुए दलील दी कि एकलपीठ के निर्णय के आधार पर क्लब को 'पब्लिक अथाॅरिटी' घोषित करना उचित है। खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एकलपीठ के निर्णय पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तारीख निर्धारित कर दी।