यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सज गया पटाखा बाजार, दीवाली से पहले ही बढ़ने लगा प्रदूषण; लोगों की सांसों पर मंडराने लगा खतरा
चंडीगढ़ में दीवाली (Diwali 2024) से पहले ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। सोमवार को बुधवार को प्रदूषण का एक्यूआई 270 तक पहुंच गया। शहर के 11 स्थानों प ...और पढ़ें

HighLights
- 270 तक पहुंच गया चंडीगढ़ शहर का AQI
- शहर के 11 जगहों पर सजा पटाखा बाजार
- 20 करोड़ रुपये के पटाखें बिकने का अनुमान
राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। दीवाली से पहले ही शहर का प्रदूषण बढ़ने लग गया है। सोमवार को बुधवार को प्रदूषण का एक्यूआई 270 तक पहुंच गया। जब अब अगले तीन से चार दिन लगातार प्रदूषण बढ़ता जाएगा। शहर के 11 स्थानों पर मंगलवार से पटाखा बाजार सज गया।
शहरवासी ग्रीन पटाखें खरीद सकते हैं। हर विक्रेता ने प्रशासन ने 15 हजार रुपये एडवांस जीएसटी वसूल किया है। यूटी प्रशासन के अनुसार ग्रीन दीवाली पर एक्यूआई 380 से ऊपर हो जाएगा। प्रशासन ने 96 पटाखा विक्रेताओं को लाइसेंस जारी किया है। हर विक्रेता को अपनी दुकान पर सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
कुराली में लगेगा सबसे बड़ा पटाखा बाजार
प्रशासन के मुताबिक दीवाली के दिन शहरवासी रात 8 से 10 बजे तक दो घंटे ग्रीन पटाखे जला सकेंगे। प्रशासन ने 31 अक्टूबर को दीवाली की छुट्टी घोषित की है। हर सेक्टर में आठ से दस दुकानें लगेगी। जहां पर 20 करोड़ रुपये के पटाखें बिकने का अनुमान है।
विक्रेता दीवाली तीन दिन तक यहां पर पटाखे बेचेंगे। ट्राईसिटी में सबसे बड़ा पटाखा बाजार कुराली में लगेगा। जबकि दिल्ली में प्रदूषण का एयर क्वालिटी इंडेक्स औसत 301 है।
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पंचकूला में ऑरेंज जोन पर पहुंच गया प्रदूषण
पंचकूला भी प्रदूषण के मामले में ऑरेंज जोन पर पहुंच गया है। यहां पर प्रदूषण का एयर क्वालिटी इंडेक्स 229 पहुंच गया है। पंचकूला में काफी तेज गति से प्रदूषण बढ़ रहा है। जबकि एक सप्ताह पहले पंचकूला में प्रदूषण का एक्यूआई 150 था लेकिन इस बार पंचकूला की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
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पराली जलने के अलावा वाहनों की संख्या बढ़ने से आबोहवा प्रदूषित हो रही है। इस समय चंडीगढ़ में उतरी और दक्षिणी दोनो सेक्टर में प्रदूषण का एक ही स्तर है जबकि पिछले सप्ताह दक्षिणी सेक्टरों में प्रदूषण ज्यादा रहा था। इस समय सेक्टर-22 के सेंटर में एक्यूआई 266 और सेक्टर-53 में एक्यूआई 267 दर्ज की गई हैं।
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सुबह की हवा ज्यादा प्रदूषित
शाम के मुकाबले सुबह शहर की हवा ज्यादा प्रदूषित है। तापमान में गिरावट और सर्दी बढ़ने का भी असर पड़ रहा है जबकि पंजाब व हरियाणा के कई शहरों में प्रदूषण काफी बढ़ गया है। अगले माह पहले सप्ताह के बाद भी अगर प्रदूषण कम नहीं होता तो प्रशासन कुछ कदम उठा सकती है।
जब जब शहर में प्रदूषण बढ़ता है तो शहर में स्प्रिंक्लर व्हीकल से पानी का छिड़काव किया जाता है। शहर में कई जगह पौधे भी लगाए गए हैं। बता दें कि इस बार पॉल्यूशन और पराली के मामलों को रिव्यू करने के लिए दिल्ली कमीशन ने चंडीगढ़ में बिठाया स्पेशल सेल को बिठाया है जो कि आसपास के राज्यों पर नजर रखे हुए हैं।
इस बार पराली जलाने के मामले पिछले सालों के मुकाबले कम हो रहे हैं।इस समय प्रदूषण बढ़ने के अन्य कारण हावी है।तापमान में गिरावट के साथ साथ फेस्टिवल सीजन में वाहनों की संख्या सड़कों पर बढ़ गई है।जिस कारण प्रदूषण बढ़ गया है।दीवाली पर आतिशबाजी होने के कारण तो प्रदूषण बढ़ना लाजमी है।
डा. रविंदर खेरवाल, पर्यावरण विशेषज्ञ, पीजीआई
कहां-कहां लगी हैं पटाखों की दुकानें?
रामदरबार में कार बाजार स्थल पर, सेक्टर-24 वाल्मीकि मंदिर के पास, सेक्टर-28 गुरुद्वारें के पास, सेक्टर-29 पंप के पास, सेक्टर-30 आरबीआई कालोनी के पास, सेक्टर-33 में चौंक के पास, सेक्टर-37 मंदिर के पास, सेक्टर-4 हनुमतधाम मंदिर के पास दुकानें लगी हैं।
सेक्टर-43 दशहरा ग्राउंड, सेक्टर-46 चौंक के पास और सेक्टर-49 में रयान स्कूल के पास साइटें तय की गई है जहां पर ही पटाखों के स्टाल लगाए जाएंगे।यहां पर शहरवासी आकर पटाखें खरीद सकते हैं।प्रशासन की ओर से आनलाइन पटाखें खरीदने पर रोक लगाई हुई है।