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    सुप्रीम कोर्ट कालेजियम का बड़ा फैसला, हाई कोर्ट के दो अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी नियुक्ति की सिफारिश

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 07:30 AM (GMT+05:30)

    सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के दो अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। ...और पढ़ें

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट।

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट।

    HighLights

    1. दो अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी नियुक्ति की सिफारिश।

    2. जस्टिस एच.एस. ग्रेवाल और जस्टिस दीपेंद्र सिंह नलवा।

    3. हाई कोर्ट में न्यायिक रिक्तियां होंगी कम।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के दो अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने की सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने केंद्र को सिफारिश भेज दी है। कालेजियम की अनुशंसा के बाद अब अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने पर होगा।

    जस्टिस एच एस ग्रेवाल और जस्टिस दीपेंद्र सिंह नलवा को पिछले साल फरवरी में अतिरिक्त जज के तौर पर नियुक्त किया गया था। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जजों के कुल 85 पद स्वीकृत है जिसमें 64 स्थाई व 21 पद अस्थाई जज के है।

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    हाई कोर्ट में 16 अस्थाई जज

    वर्तमान में हाई कोर्ट में 20 स्थाई व 16 अस्थाई जज के साथ कुल 56 जज कार्यरत है। न्यायपालिका में रिक्तियों को कम करने और उच्च न्यायालयों में स्थिरता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट कालेजियम समय-समय पर अतिरिक्त न्यायाधीशों के कार्य, निर्णयों की गुणवत्ता, निस्तारण दर और समग्र सेवा रिकार्ड का मूल्यांकन करता है। अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति सामान्यत सीमित अवधि के लिए की जाती है।

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    समीक्षा के आधार पर स्थायी नियुक्ति

    इसके बाद उनके कार्य निष्पादन और सेवा रिकार्ड की समीक्षा के आधार पर उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया जाता है। स्थायी न्यायाधीश बनने के बाद संबंधित न्यायाधीशों को नियमित संवैधानिक पद का दर्जा प्राप्त होता है और वे सेवानिवृत्ति आयु तक पद पर बने रह सकते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने हाई कोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ाने के लिए 10 वकीलों को न्यायाधीश नियुक्त करने की भी सिफारिश की थी।

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