यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab Politics: 'पंजाब में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस', सुखजिंदर रंधावा बोले- AAP सरकार में कानून की हालत बद से बदतर
Punjab Politics इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव एलायंस (आईएनडीआई एलायंस) की मंगलवार को दिल्ली बैठक से पहले पंजाब में फिर ‘नो गठबंधन’ की मांग उठी है। ...और पढ़ें

HighLights
- रंधावा का कहना है आप सरकार में अमन कानून की हालत बद से बदतर हो गई है।
- पंजाब के लोग 2024 के चुनावों में आम आदमी पार्टी को सबक सिखाने की राह देख रहे है।
- रंधावा का बयान भी तब आया है जब मंगलवार को आईएनडीआईए की बैठक होने जा रही है।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव एलायंस (आईएनडीआई एलायंस) की मंगलवार को दिल्ली बैठक से पहले पंजाब में फिर ‘नो गठबंधन’ की मांग उठी है। पूर्व उप मुख्यमंत्री व राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि पंजाब में आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव कांग्रेस अपने दम पर लड़ेगी।
आप सरकार में अमन कानून की हालत बद से बदतर
उनका कहना है आप सरकार में अमन कानून की हालत बद से बदतर हो गई है। नशा घर-घर में बिक रहा है, विकास कार्य बिल्कुल ठप होकर रह गए है और आप सरकार कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किए गए विकास प्रोजेक्टों के उद्घाटन करके झूठी वाहवाही लूटी जा रही है।
की अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात
रंधावा का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सुखजिंदर रंधावा आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी भी है। रंधावा शुरू से ही आप के साथ समझौते के खिलाफ रहे हैं लेकिन वह उस प्रकार से खुल कर सामने नहीं आए जिस प्रकार से कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा आए थे। बैठक से एक दिन पहले रंधावा ने अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात करके पार्टी हाईकमान को भी स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह पंजाब में समझौता न करें।
आप को सबक सिखाएंगे पंजाब के लोग
रंधावा ने कहा कि पंजाब के लोग 2024 के चुनावों में आम आदमी पार्टी को सबक सिखाने की राह देख रहे है। इसलिए पंजाब भर में कांग्रेस के वर्कर व समस्त कैडर आम आदमी से मिलकर चुनाव लड़ने के सख्त खिलाफ है तथा कांग्रेस पार्टी अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ कर शानदार जीत प्राप्त करेगी। रंधावा का बयान भी तब आया है जब मंगलवार को आईएनडीआईए की बैठक होने जा रही है। इससे पहले गठबंधन को लेकर कांग्रेस ने अलग-अलग बैठक करके पार्टी नेताओं के साथ फीडबैक लिया था।
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गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला हाईकमान करेगा
एक बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, भारत भूषण आशु आदि मौजूद थे। जबकि एक बैठक में कांग्रेस के सांसद मौजूद थे। इन बैठकों के दौरान भी प्रदेश के नेता गठबंधन के खिलाफ ही खड़े हुए थे। कांग्रेस की परेशानी यह है कि गठबंधन न होने को लेकर प्रदेश के नेता भले ही सख्त रुख अपना रहे हो लेकिन कार्यकर्ताओं में अभी भी असमंजस में है। क्योंकि कार्यकर्ताओं को पता हैं कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला हाईकमान ने ही करना है।
वहीं, दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लगातार रैलियां कर रही है। पार्टी के कन्वीनर व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार हरेक रविवार को एक बड़ी रैली करके विकास कार्यों का शुभारंभ कर रहे हैं। एक तरफ आप जहां लगातार अपनी राजनीतिक गतिविधियों को अंजाम दे रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस का कार्यकर्ता अभी भी गठबंधन को लेकर भ्रम की स्थिति में बना हुआ है। यही कारण है कि पंजाब कांग्रेस चाहती है कि हाईकमान जल्द से जल्द इस भ्रम की स्थिति को खत्म करें।