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    PSPCL ने गोइंडवाल थर्मल प्लांट के 108 कर्मचारियों के समायोजन को दी मंजूरी; अधूरा विलय बना चर्चा का विषय

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 03:33 PM (IST)

    गुरु अमरदास थर्मल प्लांट के औपचारिक विलय से पहले पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने 108 पद स्वीकृत किए हैं। कर्मचारियों के समायोजन के इस फैसले पर प ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. PSPCL ने गोइंदवाल प्लांट के 108 कर्मचारियों का समायोजन किया।

    2. औपचारिक विलय लंबित होने के बावजूद समायोजन पर सवाल उठे।

    3. कर्मचारियों का समायोजन उनके मौजूदा पद और अनुभव पर आधारित।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। गुरु अमरदास थर्मल प्लांट (जीएटीपी), गोइंदवाल साहिब के पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में औपचारिक विलय की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। इसी बीच पीएसपीसीएल ने निजी प्रबंधन के समय कार्यरत इंजीनियरों, अधिकारियों तथा तकनीकी व गैर-तकनीकी कर्मचारियों के समायोजन के लिए 108 पद स्वीकृत कर दिए हैं।

    इस फैसले के बाद पदों के चयन, उनकी संख्या, वेतनमान और केवल निदेशक मंडल के प्रस्ताव के आधार पर इन्हें स्वीकृति देने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से पूर्व जीवीके थर्मल प्लांट का अधिग्रहण करने के बाद पीएसपीसीएल ने वहां कार्यरत कर्मचारियों का ब्योरा मांगा था। जीवीके प्रबंधन ने 108 कर्मचारियों की सूची सौंपी, जिसके आधार पर निगम ने अपनी परिचालन जरूरतों के अनुसार पदों का ढांचा तैयार किया।

    पनई संरचना में अधीक्षण अभियंता का कोई पद नहीं बनाया गया है, जबकि सहायक कार्यकारी अभियंता (विद्युत) के 30 और सहायक अभियंता के 27 पद स्वीकृत किए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर दो वरिष्ठ सहायक, एक अपर डिवीजन क्लर्क, एक उप मुख्य लेखा अधिकारी, दो लेखा अधिकारी और दो सहायक लेखा अधिकारियों के पद रखे गए हैं, जो 540 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र का प्रशासनिक और वित्तीय कार्य देखेंगे।

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    पद व अनुभव के आधार पर होगा समायोजन

    जानकारी के मुताबिक 108 कर्मचारियों का समायोजन उनके मौजूदा पद और अनुभव के आधार पर किया जाएगा। उनका कहना है कि केवल कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का वेतन पीएसपीसीएल के समकक्ष अधिकारियों से अधिक है, जबकि अधिकांश कर्मचारियों का वेतन कम है।

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    पीएसपीसीएल के आदेश के अनुसार सभी कर्मचारी फिलहाल अपने वर्तमान वेतन और भत्ते ही प्राप्त करेंगे। साथ ही तेलंगाना स्थित कंपनी के पंजीकृत कार्यालय में कार्यरत कुछ कर्मचारियों को भी इन पदों पर समायोजित किए जाने की संभावना है।

    पीएसपीसीएल के अधिकारियों का कहना  है की वास्तव में नए पद नहीं बनाए गए हैं, बल्कि सरकारी अधिग्रहण के बाद पदों का पुनर्गठन किया गया है। ये स्वीकृत पद हैं और जीवीके के कर्मचारियों को इनमें समायोजित किया जा रहा है।

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    विलय लंबित, समायोजन प्रक्रिया पर निगाहें

    भविष्य में यदि कोई कर्मचारी पद छोड़ता है तो उस पद पर नियमित पीएसपीसीएल कर्मचारी की नियुक्ति होगी। कर्मचारियों के समायोजन और संभावित विसंगतियों को दूर करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है।

    उल्लेखनीय है कि 12 जनवरी 2026 को पीएसपीसीएल ने गुरु अमरदास थर्मल प्लांट में कर्मचारियों की आवश्यकता का आकलन करने के लिए एक समिति गठित की थी। यह निर्णय निदेशक मंडल की 29 दिसंबर 2025 को हुई 120वीं बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर किया गया था। हालांकि 108 पदों की स्वीकृति के बावजूद प्लांट के औपचारिक विलय का मामला अभी भी लंबित है।

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