जासूसी, ग्रेनेड से हमला और हत्या... पंजाब के युवाओं पर पाकिस्तान की नजर, चौंका देंगे आंकड़े
पंजाब में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जहां युवा मामूली रकम और नशे के लालच में 'सस्ते हिटमैन' बन रहे हैं। ISI और ड्रग नेटवर्क युवाओं को फंसा रहे ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
युवा मामूली रकम और नशे के लालच में 'सस्ते हिटमैन' बन रहे
पाकिस्तान की ISI और ड्रग नेटवर्क युवाओं को फंसा रहे हैं
नाबालिगों का ग्रेनेड हमलों और ड्रग तस्करी में हो रहा इस्तेमाल
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। कभी जासूसी, कभी सरेआम हत्या तो कभी ग्रेनेड अटैक... सूबे में हो रहीं कई बड़ी आपराधिक वारदातों का कनेक्शन इन दिनों पंजाब से ही निकलकर सामने आ रहा है।
सवाल उठ रहा है कि आखिर पंजाब में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता क्यों जा रहा है? जासूसी से लेकर ग्रेनेड विस्फोट और हत्या तक... कहीं न कहीं आरोपियों का कनेक्शन पंजाब से ही होता है। हालात यह हैं कि चंद हजार रुपयों, कुछ ग्राम हेरोइन या फिर विदेश जाने के फर्जी वादे के झांसे में आकर युवा अपराध के चंगुल में फंस रहे हैं।
हाल के कुछ अपराधों के लिए दी गई कथित रकम से पता चलता है कि युवा कितनी मामूली रकम के लिए हत्याएं कर रहे हैं। एक अप्रैल, 2025 को पटियाला पुलिस चौकी और 6 अप्रैल, 2025 को हरियाणा की अजीमगढ़ चौकी पर ग्रेनेड फेंकने की वारदात को सिर्फ पांच हजार रुपये में अंजाम दे दिया गया, जबकि उनसे बाद में 2-2 लाख रुपये देने का वादा किया गया था।

फरवरी 2026 में गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें हत्या के लिए उन्हें 20 हजार रुपये का ऑफर था, लेकिन काम होने के बाद उन्हें सिर्फ तीन हजार रुपये ही दिए गए।
जालंधर ग्रेनेड अटैक मामले में गिरफ्तार आरोपियों को 25 हजार रुपये में टास्क दिया गया था। पंजाब में बीजेपी मुख्यालय पर अटैक करने वाले आरोपियों को 2 लाख रुपये का ऑफर दिया गया था। लेकिन दो किश्तों में पैसे मिलने के बाद ही उन्होंने बम फेंका।
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गौरतलब है कि सितंबर 2024 से अब तक पंजाब और आसपास के इलाकों से 60 से अधिक ग्रेनेड बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 32 बरामदगी पिछले छह महीनों में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि एक गहरी संगठित साजिश है। जिसमें अधिकतर आरोपियों को पंजाब से ही गिरफ्तार किया गया है।
अपराध के बदले भुगतान पांच से 50 हजार तक:पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ज्यादातर आरोपितों से पूछताछ की गई तो सामने आया है कि नशे, इजी मनी के लिए अपराध के रास्ते के रास्ते पर चल पड़े युवाओं को बदले में पैसे मिलते थे। गोली चलाने के लिए 50 हजार रुपये तक मिल जाते थे, लेकिन बाकी मामलों में पांच हजार से लेकर 20 हजार रुपये मिल जाते थे। इस कारण युवा इस दलदल में फंसते जा रहे हैं।
कॉलेज छात्र भी गिरोह में शामिल
पंजाब विश्वविद्यालयों से निकले छात्रों पर भी इसका असर नजर आ रहा है। कैंपस से निकलने वाले गैंगस्टर ड्रग्स से लेकर हथियारों तक की सप्लाई में लिप्त पाए जाते रहे हैं।
हाई सिक्योरिटी नाभा जेल ब्रेक कांड से लेकर पंजाब में होने वाले दर्जनों बड़े आपराधिक मामलों को कैंपस से निकले गैंगस्टर अंजाम दे रहे हैं। जेलों में बंद कुख्यात गैंगस्टरों को हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई करने से लेकर, उनके इशारे पर बड़ी वारदातों को अंजाम देने तक में छात्र शामिल हैं। वारदात के बाद ये आरोपी आसानी से कैंपस के हॉस्टलों में पनाह ले लेते हैं। इस समय पुलिस के निशाने पर 35 से ज्यादा ऐसे कुख्यात गैंग हैं, जिनमें सैकड़ों की संख्या में कॉलेज छात्र जुड़े हुए हैं।
युवाओं को फंसा रहीं पाकिस्तान की ISI
पंजाब में पैर पसार चुके ड्रग्स नेटवर्क का फायदा अब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और वहां बैठे तस्कर उठा रहे हैं। मई, 2026 में पठानकोट से सेना और अर्धसैनिक बलों की जासूसी के आरोप में बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह उर्फ तन्नू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी गंभीर रूप से नशे के आदी हैं और सिर्फ नशा खरीदने के पैसों के लिए देश से गद्दारी कर रहे थे।

शहजाद भट्टी (फाइल फोटो)
एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी, आबिद जट्ट और मूसा खान जैसे ISI हैंडलर्स ने सोशल मीडिया (खासकर इंस्टाग्राम) पर फर्जी अकाउंट्स बनाए हैं।
इनके जरिए वे गरीब और नशे के आदी युवाओं को निशाना बनाते हैं और उन्हें पैसों या फिर विदेशी वीजा का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवा बेरोजगारी के चलते और नशे के आदी होने के कारण आसानी से इनकी बातों में आ जाते हैं।
अब नाबालिगों के हाथ में भी 'गन और ड्रग्स'
इस पूरे नेक्सस का सबसे डरावना पहलू यह है कि अब इसमें नाबालिगों (किशारों) को ढाल बनाया जा रहा है। अमृतसर, फाजिल्का, बटाला, फिरोजपुर और तरनतारन जैसे सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तानी तस्कर गरीब परिवारों के बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं।
नाबालिगों को कुछ हजार रुपये का लालच देकर खेतों में ड्रोन से गिराए गए पैकेट उठाने के काम में लगाया जा रहा है। हाल ही में पकड़े गए 25 नशा तस्करों में से 7 नाबालिग थे।

चंडीगढ़ में बढ़ रहा अपराध का ग्राफ
कभी बेहद शांत माना जाने वाला चंडीगढ़ अब फायरिंग और रंगदारी के मामलों से दहल रहा है। चंडीगढ़ पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, अब नाबालिग सिर्फ जेबकतरी या छोटी चोरी नहीं कर रहे, बल्कि वे हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और झपटमारी जैसी बड़ी वारदातों में पकड़े जा रहे हैं। गैंगस्टरों ने कारोबारियों, प्रॉपर्टी डीलर, मेडिकल व केमिस्ट स्टोर संचालकों और इमिग्रेशन सेंटर संचालकों के दिल में खाौफ पैदा किया हुआ है तो नाबालिग भी माहौल बिगाड़ने में कसर नहीं छोड़ रहे।
(दैनिक जागरण रिपोर्ट और समाचारों के साथ)
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