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    ईरान-इजराइल तनाव के बाद PNG की बढ़ी मांग; LPG का सुरक्षित विकल्प बना, जानें- पंजाब में कैसे मिलेगा कनेक्शन?

    Updated: Mon, 23 Mar 2026 01:20 PM (IST)

    ईरान से जुड़े तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट प्रभावित होने से एलपीजी सप्लाई पर खतरा बढ़ा है। इसके चलते पीएनजी की मांग तेजी से बढ़ रही है और लोग इसे सुरक ...और पढ़ें

    देश अपनी जरूरत का 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है।

    देश अपनी जरूरत का 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है।

    HighLights

    1. मध्य पूर्व तनाव से एलपीजी आपूर्ति पर संकट।

    2. पीएनजी एलपीजी का सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प।

    3. पंजाब में पीएनजी कनेक्शन लेने की आसान प्रक्रिया।

    डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के कारण होर्मुज स्ट्रेट (समुद्र का संकरा मार्ग) में पैदा हुई अस्थिरता ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर दिया है। यही कारण है कि इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाली तेल और गैस की सप्लाई पर खतरा मंडराने लगा है। इस संकट का सीधा असर अब भारत जैसे देशों पर भी दिखने लगा है, जहां एलपीजी की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

    इसी अनिश्चितता के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की मांग में अचानक तेजी देखी जा रही है। लोग अब एलपीजी ऐसे विकल्प की ओर बढ़ रहे हैं, जो आयात पर कम निर्भर हो और जिसमें सप्लाई बाधित होने का खतरा कम हो।

    जानकार बताते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और एलपीजी गुजरती है। यदि यहां किसी भी कारण से आवागमन प्रभावित होता है, तो वैश्विक बाजार में ऊर्जा संकट की स्थिति बन सकती है।

    भारत के लिए यह चुनौती इसलिए और बड़ी है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसमें से अधिकांश हिस्सा मध्य पूर्व से आता है। ऐसे हालात में अब पीएनजी एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है। यह गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचती है, जिससे सिलेंडर की आवश्यकता खत्म हो जाती है और सप्लाई लगातार बनी रहती है।

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    पंजाब के प्रमुख शहरों में उपलब्ध है पीएनजी

    यही वजह है कि पंजाब के कई शहरों में उपभोक्ता तेजी से एलपीजी से पीएनजी की ओर रुख कर रहे हैं। पंजाब में भी इस बदलाव की झलक देखने को मिल रही है। यहां गुजरात गैस लिमेटिड (जीजीएल) और थिंक गैस जैसी कंपनियां पीएनजी सुविधा दे रही हैं।

    अमृतसर, बठिंडा और गुरदासपुर में जीजीएल, जबकि लुधियाना और जालंधर में थिंक गैस यह सेवा उपलब्ध करवा रही है। अभी पीएनजी की पाइपलाइन सभी क्षेत्रों तक नहीं पहुंची है। इसका विस्तार लगातार जारी है। लोग इसकी स्थिति की जानकारी संबंधित कंपनियों के ऑफीशियल पेज से प्राप्त कर सकते हैं।

    चरण-दर-चरण जानें, पंजाब में पीएनजी गैस कनेक्शन कैसे लें:

    साफ और सुविधाजनक ईंधन की बढ़ती मांग के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पंजाब के घरों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अगर आप एलपीजी सिलेंडर से पीएनजी पर शिफ्ट करना चाहते हैं, तो यह सरल मार्गदर्शिका आपकी मदद करेगी-

    पीएनजी क्या है और इसे क्यों चुनें?

    पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) भूमिगत पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचती है। इसमें सिलेंडर रखने की जरूरत नहीं होती, गैस की सप्लाई लगातार मिलती रहती है और इसे ज्यादा सुरक्षित व पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है।

    चरण 1: अपने क्षेत्र में उपलब्धता जांचें

    आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके इलाके में पीएनजी सेवा उपलब्ध है या नहीं। पंजाब में यह सेवा मुख्य रूप से गुजरात गैस लिमिटेड और थिंक गैस जैसी कंपनियों द्वारा दी जाती है। आप उपलब्धता इस तरह जांच सकते हैं:

    • आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर
    • ग्राहक सेवा से संपर्क करके
    • नजदीकी कार्यालय में जाकर

    चरण 2: आवेदन जमा करें

    आप पीएनजी कनेक्शन के लिए इन तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:

    • कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन
    • मोबाइल ऐप (यदि उपलब्ध हो)
    • नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र पर जाकर
    • आवेदन में आपको अपना नाम, पता और संपर्क से जुड़ी जानकारी भरनी होती है।

    चरण 3: जरूरी दस्तावेज दें

    • आवेदन के साथ आपको निम्न दस्तावेज देने होंगे:
    • पहचान पत्र (आधार, पैन आदि)
    • पता प्रमाण
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • मकान का मालिकाना हक या किरायानामा

    चरण 4: सुरक्षा जमा राशि जमा करें

    आवेदक को एक वापसी योग्य सुरक्षा जमा राशि जमा करनी होती है। यह राशि कंपनी और कनेक्शन के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

    चरण 5: निरीक्षण और इंस्टॉलेशन

    आवेदन स्वीकृत होने के बाद:

    • तकनीशियन आपके घर का निरीक्षण करेगा
    • पाइपलाइन बिछाने का काम तय किया जाएगा
    • गैस मीटर लगाया जाएगा


    चरण 6: गैस चालू और सुरक्षा जांच

    इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद:

    • गैस सप्लाई शुरू कर दी जाती है
    • सुरक्षा जांच की जाती है
    • उपयोग से जुड़ी जानकारी दी जाती है
    • इसके बाद आप तुरंत पीएनजी का उपयोग शुरू कर सकते हैं।
    • लागत और समय
    • पूरी प्रक्रिया आमतौर पर 1 से 4 सप्ताह में पूरी हो जाती है
    • शुरुआती खर्च में जमा राशि और इंस्टॉलेशन शुल्क शामिल होते हैं

    पीएनजी के फायदे

    • लगातार गैस सप्लाई, रिफिल की जरूरत नहीं
    • जितना उपयोग उतना भुगतान
    • एलपीजी सिलेंडर की तुलना में ज्यादा सुरक्षित
    • पर्यावरण के लिए बेहतर

    होर्मुज बंद होने से LPG पर असर

    ईरान-इराक युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया के ऊर्जा बाजार को बड़ा झटका लगा है। यह रास्ता सिर्फ कच्चे तेल ही नहीं, बल्कि LPG और गैस सप्लाई के लिए भी बेहद अहम है। भारत के लिए स्थिति ज्यादा गंभीर है क्योंकि देश अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% मध्य पूर्व से आता है। घरेलू उत्पादन सिर्फ 40% मांग ही पूरा कर पाता है, जिससे आयात पर निर्भरता बहुत ज्यादा बनी हुई है।

    भारत में करीब 60% घर खाना बनाने के लिए LPG पर निर्भर हैं। यह बदलाव 2016 में शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कारण तेजी से आया, जिसमें गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन दिए गए। इस योजना के बाद देश में कुल LPG कनेक्शन 31 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं।

    फरवरी 2026 में LPG की खपत 2.8 मिलियन टन तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 10% ज्यादा है और अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

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