केवल ढिल्लों ने संभाला पदभार, भाजपा ने शेर-ए-पंजाब की विरासत के सहारे 2027 की बिसात बिछाई
पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पदभार संभालते हुए कार्यालय में महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर का विमोचन किया। उन्होंने उनकी विरासत को साम ...और पढ़ें

महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर के साथ नवनियुक्त प्रधान केवल ढिल्लों।
HighLights
केवल ढिल्लों ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष का पद संभाला।
पार्टी के एजेंडे को महाराजा रणजीत सिंह से जोड़ा।
भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव में मजबूत विकल्प बनेगी।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मंगलवार को कार्यभार संभालते ही पार्टी के राजनीतिक एजेंडे को ‘शेर-ए-पंजाब’ महाराजा रणजीत सिंह की विरासत से जोड़ने का प्रयास किया। सेक्टर-37 स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पदभार ग्रहण किया और कार्यालय में महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर का विमोचन किया।
इस मौके पर ढिल्लों ने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह का शासन सभी धर्मों और वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रतीक था तथा भाजपा भी पंजाब में उसी सोच के अनुरूप राजनीति करना चाहती है। पदभार ग्रहण समारोह की शुरुआत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद ढिल्लों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए यह ऐतिहासिक दिन है।
उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह ने अपने शासनकाल में किसी भी धर्म या समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया और सभी को समान अवसर दिए। भाजपा भी पंजाब में विकास, सामाजिक समरसता और सभी वर्गों की भागीदारी को लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगी।
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सिख जाट नेता को पद देकर बनाया आधार
राजनीतिक दृष्टि से भी ढिल्लों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा लंबे समय से राज्य में अपने जनाधार का विस्तार करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी ने पहली बार किसी जाट सिख नेता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
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माना जा रहा है कि भाजपा सिख समुदाय में अपनी पैठ मजबूत करने और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप नया संदेश देने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीति का लंबा अनुभव
केवल सिंह ढिल्लों दो दशक से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में हैं। वह लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे और विधायक भी रह चुके हैं। मालवा क्षेत्र में उनकी अच्छी राजनीतिक पकड़ मानी जाती है। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि उनका अनुभव और क्षेत्रीय प्रभाव संगठन को मजबूत करने में मदद करेगा।
पदभार ग्रहण के बाद सेक्टर-37 स्थित ला भवन में भाजपा का बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन भी आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र सिंह रैना, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जय इंद्र कौर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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कैप्टन ने माना अपना मित्र
उधर, ढिल्लों की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें अपना मित्र बताते हुए कहा कि वह इस फैसले को सही नहीं मानते। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को लगातार दूसरे पूर्व कांग्रेसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाना पड़ा है।
हालांकि भाजपा नेतृत्व का मानना है कि ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन को नई दिशा मिलेगी और पार्टी 2027 के चुनाव के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकेगी।
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