'क्या पता कब किसे जेल जाना पड़े', विधायक की बात सुन ठहाकों से गूंजा सदन, स्पीकर भी हुए सख्त
पंजाब विधानसभा में विकास कार्य, सरकारी स्कूलों और जेलों के मुद्दे छाए रहे। विधायक की जेल संबंधी टिप्पणी पर सदन में ठहाके लगे, जबकि स्पीकर ने देरी पर न ...और पढ़ें

पंजाब विधानसभा में मौजूद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां।
HighLights
विकास कार्यों में देरी पर विधानसभा अध्यक्ष ने जताई नाराजगी।
सरकारी स्कूलों में बिजली, एसी की समस्या पर हुई चर्चा।
जेलों में स्वच्छ पेयजल, मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा उठा।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को विकास कार्यों में देरी, सरकारी स्कूलों में बिजली की व्यवस्था और जेलों में मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे प्रमुखता से उठे। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए "तारीख पर तारीख" की कार्यप्रणाली पर रोक लगाने की बात कही, जबकि सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की एक टिप्पणी पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा।
जालालाबाद से विधायक गोल्डी कंबोज ने अपने क्षेत्र में प्रस्तावित दो नई मंडी समितियों के निर्माण में हो रही देरी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से बार-बार नई आपत्तियां लगाई जा रही हैं, जिससे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि यदि कोई आपत्तियां हैं तो उन्हें एक साथ रखा जाए, ताकि सभी का एक बार में निपटारा हो सके।
यह भी पढ़ें- नशे के खिलाफ सांबा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 58 किलो भूक्की के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
पठानमाजरा ने उठाई बिजली की समस्या
मंत्री के जवाब से पहले ही विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, "तारीख पर तारीख अब नहीं चलेगी।" उन्होंने संबंधित मंत्री को निर्देश दिए कि सभी आपत्तियां एक साथ लगाकर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
इसी दौरान सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने सरकारी स्कूलों में बिजली की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में प्रवासी भारतीयों के सहयोग से एयर कंडीशनर लगाए गए हैं, लेकिन बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वे शोपीस बनकर रह गए हैं।
खबरें और भी
उन्होंने कहा कि संपन्न परिवारों के बच्चे निजी स्कूलों या विदेशों में पढ़ रहे हैं, जबकि गरीब परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। ऐसे में उन्हें भी बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन इस आशंका से एयर कंडीशनर नहीं चलाता कि बिजली का बिल बकाया होने पर कहीं कनेक्शन न काट दिया जाए।
यह भी पढ़ें- गुरबाणी प्रसारण पर विधायक निज्जर की बड़ी मांग, खत्म हो एकाधिकार, सभी चैनलों पर निशुल्क प्रसारण हो सुनिश्चित
सौर ऊर्जा के लिए सरकार तैयार
उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार सदन में स्कूलों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। उन्होंने कहा, "गरीबों ने ही वोट डालनी है, इसलिए सरकारी स्कूलों में एसी चलने चाहिए।"
इस पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) के माध्यम से सरकारी और निजी इमारतों, विशेषकर स्कूलों में सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने के लिए सरकार तैयार है। वहीं बिजली मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंद ने सदन को भरोसा दिलाया कि बिजली निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिल बकाया होने पर किसी भी सरकारी स्कूल का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
जेलों में जल्द मिलेगा स्वच्छ पेयजल
प्रश्नकाल के दौरान पठानमाजरा ने बठिंडा केंद्रीय जेल में पेयजल व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दो हजार से अधिक कैदियों वाली जेल में केवल एक वाटर कूलर है। इसी दौरान उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, "क्या पता कब किसे जेल जाना पड़ जाए।" उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य ठहाके लगाने लगे।
जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि राज्य की सभी जेलों में नए वाटर कूलर लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही यह काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव है।