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    पंजाब विधानसभा में FBI की रिपोर्ट से मचा बवाल, गैंगस्टर-पुलिस नेक्सस पर उठे सवाल; अवैध खनन पर भड़का विपक्ष

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 12:19 PM (IST)

    पंजाब विधानसभा के शून्यकाल में विपक्ष ने गैंग्स्टर नेटवर्क, भाखड़ा बांध, अवैध खनन और सैन्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाकर सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरक ...और पढ़ें

    सदन में बोलते हुए प्रताप सिंह बाजवा।

    सदन में बोलते हुए प्रताप सिंह बाजवा।

    HighLights

    1. एफबीआई रिपोर्ट पर गैंग्स्टर-पुलिस सांठगांठ का मुद्दा उठा।

    2. भाखड़ा बांध में गाद जमा होने से बाढ़ का खतरा।

    3. अवैध खनन पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति विफल।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, गैंग्स्टर नेटवर्क, भाखड़ा बांध की सुरक्षा, अवैध खनन और जालंधर के सूरानुस्सी सैन्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दे जोरदार ढंग से उठाए। 

    नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए गैंग्स्टर नेटवर्क और पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत का मुद्दा उठाया।

    उन्होंने कहा कि एफबीआई ने "ऑपरेशन हार्डबॉल" के तहत अमेरिकी, कनाडाई और यूरोपीय एजेंसियों के साथ मिलकर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, जग्गू भगवानपुरिया समेत कई गैंग्स्टर गिरोहों की गतिविधियों की जांच की है। बाजवा ने दावा किया कि रिपोर्ट में पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की कथित भूमिका का उल्लेख किया गया है।

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    गैंगस्टर नेटवर्क हो रहा मजबूत

    उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले लोगों से रंगदारी मांगने के मामलों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में गैंग्स्टर नेटवर्क लगातार मजबूत हुआ है और सरकार इस पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रही है।

    उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बाजवा के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने जवाब देते हुए कहा कि गैंग्स्टरों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप पहले भी लगते रहे हैं।

    उन्होंने वर्ष 2021 की विधानसभा कार्यवाही का हवाला देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के विधायक भी सदन में एक-दूसरे पर जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंग्स्टरों को संरक्षण देने के आरोप लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर विषय का राजनीतिकरण करने के बजाय तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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    भाखड़ा बांध की डी-सिल्टिंग का मुद्दा उठा

    विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भाखड़ा बांध का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से डी-सिल्टिंग नहीं होने के कारण बांध में भारी मात्रा में गाद और पत्थर जमा हो चुके हैं, जिससे उसकी जल भंडारण क्षमता लगातार कम हो रही है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान बांध जल्दी भर जाता है और फ्लड गेट खोलने पड़ते हैं, जिससे पंजाब में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। अ

    याली ने कहा कि आईआईटी रुड़की और आईआईटी रोपड़ की रिपोर्टों में भी डी-सिल्टिंग की सिफारिश की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड और संबंधित राज्यों से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की।

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    भाजपा ने अवैध खनन पर की चिंता व्यक्त

    भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा ने रावी और सतलुज नदी के किनारे हो रहे अवैध खनन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन की खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को धमकियां दी जा रही हैं और मंत्री के कार्रवाई के आश्वासन के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

    महिलाओं की तलाशी से जुड़ी शिकायतें मिलीं

    कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने जालंधर के सैन्य क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर कई मार्ग बंद कर दिए जाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है।

    उन्होंने महिलाओं की तलाशी से जुड़ी शिकायतों का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार सेना के साथ समन्वय समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाए। उन्होंने लंबे समय से प्रस्तावित परिधीय सड़क परियोजना को भी जल्द पूरा कराने की मांग की, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके और नागरिकों तथा सेना के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।

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