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    बेअदबी मामलों की जांच में अब बदलेगी पुलिस की भाषा, जारी हुई 52 सम्मानजनक शब्दों की सूची

    Updated: Sat, 27 Jun 2026 06:11 PM (IST)

    बेअदबी मामलों की जांच को अधिक संवेदनशील बनाने के लिए पंजाब पुलिस ने 52 श्रद्धासूचक शब्दों की सूची जारी की है। अब एफआईआर, केस डायरी और जांच दस्तावेजों ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. पीबीआई ने 52 सम्मानजनक शब्दों की सूची जारी की।

    2. बेअदबी मामलों की जांच में संवेदनशीलता बरती जाएगी।

    3. धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामलों की जांच प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप बनाने के लिए पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (पीबीआई) ने बड़ा कदम उठाया है। अब पुलिस अधिकारियों को जांच के दौरान केवल निर्धारित श्रद्धासूचक शब्दों का ही इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए पीबीआई ने सभी पुलिस कमिश्नरों और जिला एसएसपी को 52 सम्मानजनक शब्दों की विस्तृत सूची जारी की है।

    पीबीआई के निर्देशों के अनुसार बेअदबी से जुड़े मामलों की केस डायरी, जांच रिपोर्ट, एफआईआर और अन्य दस्तावेजों में ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया जाएगा जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि जांच के हर चरण—चाहे घटनास्थल का निरीक्षण हो, सबूतों की जब्ती हो या दस्तावेजीकरण—में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए।

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    जारी किए गए 52 शब्दों की सूची

    जारी सूची में जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप, बीड़ साहिब, पावन अंग, जिल्द, गुटका साहिब, सैंची साहिब, नितनेम, मूल मंत्र, पंज प्यारे, हुकमनामा/वाक, चोला साहिब, गुरुद्वारा साहिब, पीढ़ा साहिब, पालकी साहिब, थड़ा साहिब, रुमाला साहिब, चंदोआ साहिब, चौर साहिब, ग्रंथी सिंह, पाठी सिंह, सेवक/सेवादार, सेवा संभाल, सेवा, प्रकाश अस्थान, सुखासन अस्थान, सचखंड अस्थान, चाले पाउणा/पहुंच करना, अखंड पाठ, सहज पाठ, भोग, अरदास, किरत करना, नाम जपना, वंड छकणा, अमृत वेला, अमृत, अमृत संचार, अमृतधारी, कीर्तन, संगत, लंगर, भेटा, बिरध अवस्था, अगन भेट सेवा, आनंद कारज, दसवंध, दस्तार, गतका, चढ़दी कला, शहादत और सेवा यूनिक पहचान नंबर शामिल किए गए हैं। 

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    पहले 22 शब्दों की सूची हुई थी जारी

    दरअसल, 16 जून 2026 को पीबीआई ने पहले एक सर्कुलर जारी कर 22 शब्दों की प्रारंभिक सूची भेजी थी। बाद में धार्मिक शब्दावली में और जोड़ करते हुए सूची का विस्तार कर 52 शब्द कर दिया गया। संशोधित सूची के साथ नया डेमी ऑफिशियल पत्र जारी किया गया ताकि सभी अधिकारी एक समान शब्दावली अपनाएं।

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    सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में बेअदबी के मामलों की जांच के दौरान इस्तेमाल की गई कुछ शब्दावली को लेकर धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि पुलिस रिकॉर्ड में प्रयुक्त कुछ सामान्य या तकनीकी शब्द सिख परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। इसी के बाद जांच प्रक्रिया में भाषाई सुधार की मांग तेज हुई।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल शब्द बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की संवेदनशीलता और धार्मिक सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इससे बेअदबी मामलों की जांच अधिक पारदर्शी, सम्मानजनक और विवाद-मुक्त बनने की उम्मीद है।

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