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    पंजाब में SIR पर भाजपा ने उठाए सवाल, दावा- नियमों से हटकर मांगी जा रही जानकारी; जांच की रखी मांग

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 04:52 PM (GMT+05:30)

    पंजाब भाजपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से जांच की मांग की है। पार्टी ने अधिकारियों पर ...और पढ़ें

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों।

    HighLights

    1. भाजपा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण में अनियमितताओं का आरोप लगाया।

    2. अधिकारियों पर सरकारी योजनाओं की जानकारी मांगने का आरोप।

    3. किरायेदारों से किरायानामा मांगने को नियमों के खिलाफ बताया।

    रोहित कुमार चंडीगढ़। पंजाब भाजपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग और पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में पुनरीक्षण कार्य के दौरान कुछ अधिकारी आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों से हटकर काम कर रहे हैं।

    भाजपा ने इस मामले को निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि शिकायतें मिली हैं कि कुछ अधिकारी मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं से पंजाब सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी एकत्र कर रहे हैं।

    इतना ही नहीं, लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। भाजपा का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों का मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से कोई संबंध नहीं है और यह निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के दायरे से बाहर है।

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    किरायेदारों से मांगा जा रहा किरायानामा

    भाजपा ने यह भी आरोप लगाया है कि कई स्थानों पर मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी किराये के मकानों में रहने वाले मतदाताओं से किरायानामा अथवा मकान मालिक का शपथ पत्र प्रस्तुत करने की मांग कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों में ऐसे दस्तावेज अनिवार्य नहीं हैं।

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    यदि अधिकारी बिना किसी अधिकार के इस प्रकार के अतिरिक्त दस्तावेज मांग रहे हैं तो इससे वास्तविक मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।

    शिकायत में कहा गया है कि इन घटनाओं के कारण आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। कई मतदाता यह मानने लगे हैं कि सरकार की योजनाओं से संबंधित जानकारी और अतिरिक्त दस्तावेज देना भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अनिवार्य हिस्सा है। भाजपा का कहना है कि इससे पूरी प्रक्रिया अनावश्यक रूप से जटिल हो रही है और मतदाताओं का निर्वाचन प्रक्रिया पर विश्वास भी प्रभावित हो सकता है।

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    निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने पत्र में उल्लेख किया है कि भारत निर्वाचन आयोग हमेशा से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष, नागरिक हितैषी और बिना किसी अनावश्यक परेशानी के पूरा कराने पर जोर देता रहा है। ऐसे में निर्धारित दिशा-निर्देशों से अलग कोई भी गतिविधि इस उद्देश्य को कमजोर करती है।भाजपा ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराई जाए।

    जिन अधिकारियों पर सरकारी योजनाओं के प्रचार या निर्धारित प्रक्रिया से हटकर जानकारी एवं दस्तावेज मांगने के आरोप हैं, उनकी पहचान कर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

    जरूरी जानकारी मांगने की अपील

    साथ ही सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि मतदाताओं से केवल वही जानकारी और दस्तावेज लिए जाएं, जिनका उल्लेख निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों में किया गया है।

    पार्टी ने आग्रह किया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी, नागरिक हितैषी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास बना रहे।

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