पंजाब कैबिनेट ने नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी, 12800 करोड़ राजस्व लक्ष्य, शराब कीमतें नहीं बढ़ेंगी
पंजाब सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दी, जिसका लक्ष्य 12,800 करोड़ रुपये राजस्व है और शराब की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। कोविड-19 स्वयंसेवकों को नर्सिंग ...और पढ़ें

मीडियो को कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल चीमा।
कैलाश नाथ, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य, योजना, गृह और आबकारी विभाग से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की है। सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान सेवाएं देने वाले वॉलंटियर्स की भूमिका को सराहते हुए उन्हें नर्सिंग और पैरामेडिकल भर्तियों में विशेष वेटेज देने का निर्णय लिया है।
जिन वॉलंटियर्स ने एक वर्ष से कम अवधि तक सेवा दी है उन्हें 5 अंक, जबकि एक वर्ष से अधिक सेवा देने वालों को 10 अंक दिए जाएंगे। इन अंकों का लाभ उन्हें भविष्य में निकलने वाली भर्तियों में मिलेगा, जिससे चयन प्रक्रिया में उन्हें प्राथमिकता मिल सकेगी।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को मजबूत करने के लिए ग्रुप-सी श्रेणी में स्टाफ नर्स की 361 नई पदों को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों से अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
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आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड में विस्तार
पंजाब सरकार ने योजना विभाग के अंतर्गत आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड को भी मजबूत करने का फैसला किया है। बोर्ड में पहले तीन गैर-सरकारी विशेषज्ञों के पद थे, जिन्हें बढ़ाकर अब पांच कर दिया गया है। दो नए पद सृजित किए गए हैं और जल्द ही इन पर नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री बोर्ड के चेयरमैन और वित्त मंत्री वाइस चेयरमैन हैं।
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सरकार का मानना है कि विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने से राज्य की आर्थिक नीतियों को बेहतर ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी।
गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर सख्ती
सरकार ने राज्य में अपराध और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी घोषणा की है। गैंगस्टरों, आर्थिक अपराधियों और नशा तस्करों को पकड़ने के लिए इनाम राशि में बढ़ोतरी की गई है। एसएसपी स्तर तक एक लाख रुपये, आईजी/डीआईजी स्तर पर डेढ़ लाख रुपये, एडीजीपी स्तर तक दो लाख रुपये और डीजीपी स्तर पर दो लाख रुपये से अधिक की इनाम राशि देने का प्रावधान किया गया है।
पहले यह राशि बेहद कम थी, जिसे बढ़ाकर पुलिस और खुफिया तंत्र को प्रोत्साहन देने की कोशिश की गई है। सरकार का दावा है कि इससे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी।\
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बजट सत्र 6 से 16 मार्च तक
पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक आयोजित होगा। इस दौरान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करेगी। सरकार ने दावा किया है कि नई आबकारी नीति लागू होने के बाद राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वर्ष 2022-23 में जहां लगभग 6,200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, वहीं अब 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष 11,200 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य से भी ज्यादा रहा।
सरकार के अनुसार नई नीति के चलते राजस्व में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। 6.5 प्रतिशत वृद्धि के साथ रिन्यूअल का विकल्प दिया गया है, जबकि जो समूह नवीनीकरण नहीं कराएंगे उन्हें ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा। पहली बार माल्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और सिंगल माल्ट उत्पादन के लिए नियम बनाए जा रहे हैं,
जिससे पंजाब में केवल बॉटलिंग ही नहीं बल्कि डिस्टिलिंग और उत्पादन भी होगा। इससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी कहा कि लाइसेंस प्रक्रिया में मानव हस्तक्षेप कम कर तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान
अवैध शराब के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। अब तक 4,006 एफआईआर दर्ज की गईं, 432 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 455 वाहन जब्त किए गए। 2,628 छापेमारियां की गईं और 1,76,552 बोतल अवैध शराब जब्त की गई। इसके अलावा 82,990 लीटर इथेनॉल और 6,794 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। 304 अवैध भट्टियां भी पकड़ी गईं।
सरकार का कहना है कि सख्त प्रवर्तन के कारण अवैध कारोबार पर रोक लगी है, जिससे राज्य के खजाने में सीधा लाभ पहुंचा है। साथ ही पिछली सरकारों के दौरान जारी लाइसेंसों और संपत्तियों की जांच कर करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं और कानूनी कार्रवाई जारी है।
सरकार ने दावा किया कि पारदर्शी नीतियों, सख्त प्रवर्तन और प्रशासनिक सुधारों के कारण राज्य का राजस्व बढ़ा है तथा अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।