पंजाब कांग्रेस में घमासान! सुरजेवाला से मिले चन्नी, आज वेणुगोपाल से करेंगे मुलाकात
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व विवाद के बीच चरणजीत सिंह चन्नी ने दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। आज उनकी केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक होगी, जबकि हाई ...और पढ़ें

पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश प्रभारी भुपेश बघेल व पीपीसीसी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।
HighLights
पंजाब कांग्रेस में 15 दिन से सियासी घमासान जारी।
चन्नी ने सुरजेवाला से मुलाकात की, वेणुगोपाल से मिलेंगे।
चन्नी खेमा प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग पर अड़ा।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में पिछले करीब 15 दिनों से चल रहा सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने नई दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला से मुलाकात की। इसके बाद दोपहर में चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह की कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से बैठक प्रस्तावित है।
इस बैठक को पंजाब कांग्रेस के मौजूदा विवाद के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चन्नी खेमा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। चन्नी के साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक राणा गुरजीत सिंह समेत 15 से 20 वरिष्ठ नेता एकजुट हैं और प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
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हाई कमान नहीं बदलेगा फैसला
हालांकि पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हाईकमान के फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा और नेतृत्व परिवर्तन का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
इसके बावजूद चन्नी खेमे की लगातार सक्रियता के कारण दिल्ली में होने वाली बैठकों पर सबकी नजरें टिकी हैं। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि यदि दबाव की राजनीति जारी रही तो कांग्रेस हाईकमान संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपना सकता है।
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राहुल गांधी की मुलाकात की संभावनाएं बनीं
दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नाम की भी चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने के बाद राहुल गांधी भी पंजाब कांग्रेस के नेताओं और चन्नी समर्थक खेमे के साथ अलग से बैठक कर सकते हैं।
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माना जा रहा है कि दिल्ली में लगातार हो रही बैठकों के बाद पंजाब कांग्रेस में जारी खींचतान पर अंतिम रणनीति तय की जा सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें गुरुवार को केसी वेणुगोपाल के साथ होने वाली बैठक के नतीजों पर टिकी है।