विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'यह गुड्डे-गुड़िया का खेल नहीं...', भूपेश बघेल का चन्नी को सीधा जवाब; राजा वड़िंग बने रहेंगे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष

Published: Wed, 15 Jul 2026 12:33 PM (IST)Updated: Wed, 15 Jul 2026 12:54 PM (IST)

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कोई बदलाव नहीं ...और पढ़ें

HighLights

  1. भूपेश बघेल ने कहा, पंजाब कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव नहीं।

  2. नेतृत्व परिवर्तन पर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा।

  3. पूर्व सीएम चन्नी दिल्ली में राहुल गांधी से मिलेंगे।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में जारी सियासी घमासान के बीच पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल ने एक बार फिर साफ कर दिया कि फिलहाल प्रदेश नेतृत्व में किसी तरह का बदलाव नहीं होने जा रहा है। बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक के बाद बघेल ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन कोई "गुड्डा-गुड़िया का खेल" नहीं है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब के राजनीतिक हालात पर अपनी रिपोर्ट वेणुगोपाल को सौंप दी गई है और अब अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। बुधवार को केसी वेणुगोपाल के आवास पर पंजाब कांग्रेस को लेकर अहम बैठक हुई। इसी दौरान पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी वेणुगोपाल से मिलने दिल्ली पहुंचे।

इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के बीच भी पंजाब कांग्रेस के हालात पर चर्चा हुई थी। हालांकि, बघेल के बयान के बावजूद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान थमती नहीं दिख रही है।

यह भी पढ़ें- इन शहरों में सफर करना अब होग महंगा; NHAI ने 8 टोल प्लाजा पर बढ़ाया टैक्स, देखें नई लिस्ट

पूर्व सीएम चन्नी दिल्ली पहुंचे

सूत्रों अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। संभावना है कि बुधवार दोपहर बाद या गुरुवार सुबह चन्नी की राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक हो सकती है। इस बैठक में पंजाब कांग्रेस के संगठन और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। पार्टी के भीतर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने का दबाव लगातार बना हुआ है।

यह भी पढ़ें- विदेशी नंबर से मिली धमकी, एक करोड़ की मांग; जालंधर के गोराया में कारोबारी परिवार को फिर बनाया गया निशाना

गुटबाजी से नुकसान 2027 में भी हो सकता है

इससे पहले 11 जुलाई को चंडीगढ़ में हुई बैठक के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने समर्थन में 70 से 80 कांग्रेस नेताओं को एकजुट कर शक्ति प्रदर्शन किया था। इसके बाद से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस समय रहते पंजाब में गुटबाजी पर नियंत्रण नहीं कर पाती है तो 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 2022 जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सबकी नजर हाईकमान के अगले फैसले और दिल्ली में होने वाली संभावित बैठकों पर टिकी हुई है।

यह भी पढ़ें- पंजाब-यूपी चुनाव से पहले बड़ा अलर्ट, शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर एनआईए की सख्ती; सांप्रदायिक साजिश का इनपुट

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।