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    पंजाब में नियमित डीजीपी नियुक्ति पर आयोग सख्त; योग्य अधिकारियों का पैनल भेजने को दोबारा पत्र

    Updated: Wed, 11 Mar 2026 06:48 PM (IST)

    पंजाब में नियमित पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति को लेकर आयोग ने राज्य सरकार को दोबारा पत्र भेजा है। आयोग ने योग्य अधिकारियों का पैनल जल्द भेजने को कहा और ...और पढ़ें

    पंजाब के डीजीपी गौरव यादव।

    पंजाब के डीजीपी गौरव यादव।

    HighLights

    1. यूपीएससी ने पंजाब सरकार को डीजीपी पैनल के लिए दोबारा लिखा।

    2. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी।

    3. पंजाब में जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी कार्यरत हैं।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में नियमित डीजीपी की नियुक्ति का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने पंजाब सरकार को दोबारा पत्र लिखकर योग्य अधिकारियों का पैनल भेजने को कहा है। आयोग ने राज्य सरकार द्वारा तय समय में जवाब न मिलने पर यह रिमाइंडर भेजा है।

    जानकारी के अनुसार यूपीएससी के सचिव शशि रंजन कुमार ने 5 मार्च को पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को पत्र लिखा है। इसमें उनसे कहा गया है कि वह इस मामले की व्यक्तिगत रूप से जांच करें और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कि नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए योग्य आईपीएस अधिकारियों का पैनल आयोग को भेजा जाए। इससे पहले यूपीएससी ने 18 फरवरी को पंजाब सरकार को पत्र भेजा था।

    इस पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 5 फरवरी के निर्देशों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से 10 दिनों के भीतर पूरा प्रस्ताव भेजने को कहा गया था। हालांकि निर्धारित समय में पंजाब सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं भेजा गया।

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    यूपीएससी ने दिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला

    सूत्रों के मुताबिक 18 फरवरी को भेजे गए पत्र में यूपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर 5 फरवरी 2026 को डीजीपी पद पर रिक्त की तारीख माना है। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि राज्य सरकार समय पर योग्य अधिकारियों का पैनल नहीं भेजती है तो आयोग सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर कर सकता है, जिससे देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

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    दरअसल 5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कई राज्यों में लंबे समय से कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त रखने की प्रथा पर कड़ी टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि राज्यों को नियमित डीजीपी नियुक्त करने की प्रक्रिया का पालन करना चाहिए और इस मामले में यूपीएससी को आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया था।

    पंजाब में मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में आई थी। इसके बाद जुलाई 2022 में पंजाब कैडर के 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को कई वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करते हुए कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था। वह पिछले तीन साल आठ महीने से इस पद पर कार्य कर रहे हैं।

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    पंजाब पुलिस (संशोधन) बिल 2023 राष्ट्रपति के पास लंबित

    इसी बीच जून 2023 में पंजाब विधानसभा ने पंजाब पुलिस (संशोधन) बिल 2023 पारित किया था। इस बिल में डीजीपी चयन के लिए राज्य सरकार के नियंत्रण वाली सात सदस्यीय चयन समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि राज्यपाल ने इस बिल को राष्ट्रपति के पास भेज दिया था और यह अभी भी लंबित बताया जा रहा है।

    यूपीएससी की मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार राज्य सरकार पहले योग्य अधिकारियों का पैनल आयोग को भेजती है। इसके बाद आयोग की एम्पैनलमेंट कमेटी वरिष्ठता, अनुभव और सेवा रिकार्ड के आधार पर तीन अधिकारियों का चयन करती है। इसके बाद राज्य सरकार इन तीन नामों में से एक को डीजीपी नियुक्त करती है।

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