कोर्ट के फैसलों पर पंजाब सरकार का सख्त रुख, वित्त विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन; मंजूरी होगी जरूरी
पंजाब सरकार ने कोर्ट के आदेशों के आधार पर निपटाए जा रहे मामलों में वित्त विभाग की पूर्व सहमति अनिवार्य ...और पढ़ें

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HighLights
अदालती आदेशों के क्रियान्वयन पर वित्त विभाग की मंजूरी अनिवार्य।
हाई कोर्ट के सिविल रिट याचिका 7291/2026 से संबंधित मामले।
सभी प्रशासनिक विभागों, बोर्डों, निगमों पर लागू होंगे निर्देश।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब सरकार के वित्त विभाग ने अदालत के आदेशों के आधार पर निपटाए जा रहे मामलों को लेकर सभी प्रशासनिक विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब ऐसे मामलों में, जो पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सिविल रिट याचिका नंबर 7291/2026 में दिए गए फैसले और उससे जुड़े मामलों में बाद में दायर एलपीए के आधार पर तय किए जा रहे हैं, उन्हें लागू करने से पहले वित्त विभाग की सहमति लेना जरूरी होगा।
यह निर्देश बोर्ड और निगमों से संबंधित मामलों पर भी लागू होंगे। वित्त विभाग की वित्त कार्मिक-1 शाखा की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी पत्र में सभी विशेष मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, वित्तीय आयुक्तों, प्रधान सचिवों और पंजाब सरकार के प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में कहा गया है कि सभी प्रशासनिक विभाग ऐसे मामलों की पूरी जानकारी वित्त विभाग को उपलब्ध करवाएं, जिनका निपटारा हाई कोर्ट के सिविल रिट याचिका नंबर 7291/2026 में दिए आदेश अथवा इससे जुड़े मामलों और बाद में दायर एलपीए के आधार पर किया गया है।
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बिना सहमति लागू नहीं होगा आदेश
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ऐसे आदेश को वित्त विभाग की पूर्व सहमति के बिना लागू नहीं किया जाएगा। हालांकि, यदि सरकार की ओर से इन मामलों को लेकर सामान्य दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाते हैं तो उन मामलों में अलग से वित्त विभाग की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों में से जो स्थिति पहले लागू होगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बोर्ड और निगम भी दायरे में
वित्त विभाग ने प्रशासनिक विभागों को ऐसे सभी मामलों का पूरा ब्योरा तत्काल उपलब्ध करवाने को कहा है। इसमें विभागों के साथ-साथ उनके अधीन आने वाले बोर्डों और निगमों से जुड़े मामले भी शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अदालत के फैसलों के आधार पर लिए जाने वाले वित्तीय प्रभाव वाले निर्णयों को लागू करने से पहले सरकार के वित्त विभाग को इसकी जानकारी हो।
पत्र में सभी प्रशासनिक विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से और तत्काल पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। वित्त विभाग की ओर से यह पत्र अंडर सेक्रेटरी सरोज के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। आदेश के बाद अब विभागों को अदालत के आदेशों के आधार पर लंबित या निपटाए जा रहे मामलों की समीक्षा कर उनकी जानकारी वित्त विभाग को भेजनी होगी।
