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    पंजाब में कैदियों के पुनर्वास पर जोर; नर्सरी और कैदियों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने की सिफारिश

    Updated: Wed, 11 Mar 2026 12:17 PM (IST)

    विधानसभा कमेटी ने पंजाब की जेलों में नर्सरी विकसित कर पौध व सब्जियों की बिक्री बढ़ाने, कैदियों के उत्पादों के लिए बिक्री केंद्र बनाने और कैदियों को ता ...और पढ़ें

    केंद्रीय जेल पटियाला। (फाइल फोटो)

    केंद्रीय जेल पटियाला। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. पटियाला जेल नर्सरी से पौध बिक्री से आय और रोजगार।

    2. कैदियों के लिए ताजी सब्जियां फिर से उपलब्ध कराने की सिफारिश।

    3. कैदियों के उत्पादों के लिए बिक्री केंद्र स्थापित करने का सुझाव।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब की जेलों में कैदियों के पुनर्वास, स्वास्थ्य और आय के नए साधन विकसित करने के लिए विधानसभा कमेटी ने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं। कमेटी ने सेंट्रल जेल पटियाला में बनाई गई नई नर्सरी का दौरा करने के बाद सुझाव दिया कि यहां विभिन्न किस्म के फूलों, पौधों और सब्जियों की पौध तैयार कर बिक्री शुरू की जाए।

    इससे जेल विभाग को आय प्राप्त होगी और कैदियों को रोजगार के साथ एक उपयोगी हुनर भी सीखने का अवसर मिलेगा। कमेटी ने सेंट्रल जेल पटियाला में स्थापित नई नर्सरी का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल नर्सरी में आठ से नौ प्रकार की पौध तैयार की जा रही है।

    अभी यह नर्सरी सीमित क्षेत्र में विकसित की गई है, लेकिन आने वाले समय में इसमें और पौध लगाकर इसका विस्तार किया जाएगा। कमेटी ने महसूस किया कि जिस क्षेत्र में यह नर्सरी स्थित है वहां आसपास अन्य नर्सरियां नहीं हैं। साथ ही यह स्थान जेल मेन रोड पर होने के कारण शहर और गांवों के काफी लोग रोजाना यहां से गुजरते हैं। ऐसे में यदि जेल की नर्सरी में विभिन्न पौधों और सब्जियों की पौध तैयार कर बिक्री शुरू की जाती है तो यह योजना काफी सफल हो सकती है। इससे न केवल विभाग को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी बल्कि नर्सरी में काम करने वाले कैदियों को दिहाड़ी भी मिल सकेगी।

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    सजा पूरी करने वालों मिलेगा अनुभव

    सजा पूरी कर जेल से बाहर जाने के बाद कैदियों के पास इस काम का अनुभव और हुनर भी होगा, जिससे वे अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं।
    कमेटी ने सिफारिश की है कि जेलों में विभिन्न किस्म के फूलों, पौधों और सब्जियों की पौध तैयार करवाई जाए और इन्हें जेल विभाग द्वारा संचालित पेट्रोल पंपों और बिक्री केंद्रों के माध्यम से रोजाना बेचा जाए। इससे जेल विभाग और कैदियों दोनों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।

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    कमेटी के दौरे के दौरान यह भी सामने आया कि पहले जेलों में कैदियों को ताजा सब्जियां उपलब्ध करवाई जाती थीं, लेकिन अब यह व्यवस्था बंद हो चुकी है। इसके कारण कैदियों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं और कैदियों ने इसको लेकर रोष भी व्यक्त किया है।

    कमेटी ने सिफारिश की है कि कैदियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल जेल पटियाला सहित पंजाब की अन्य जेलों में भी ताजा सब्जियां दोबारा उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि जो कैदी अपना भोजन स्वयं बना सकते हैं वे अपनी पसंद के अनुसार ताजी सब्जियां तैयार कर सकें।

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    जेल कैंटीनों की व्यवस्था में सुधार की सिफारिश

    इसके अलावा कमेटी ने जेलों की कैंटीन व्यवस्था में सुधार की भी सिफारिश की है। दौरे के दौरान अच्छे आचरण वाले कैदियों ने कमेटी के ध्यान में लाया कि चंडीगढ़ की बुरैल जेल की कैंटीन में पंजाब की जेलों की तुलना में खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरत का अधिक सामान उपलब्ध होता है। कैदियों ने मांग की कि बुरैल जेल की तर्ज पर सेंट्रल जेल पटियाला की कैंटीन में भी रोजमर्रा की जरूरत का सामान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए।

    कमेटी ने इस मांग को उचित बताते हुए संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने की सिफारिश की है, ताकि कैदियों को जरूरी सामान आसानी से उपलब्ध हो सके।

    चंडीगढ़ 22 सेक्टर में पहले से एक शोरूम 

    इसके साथ ही कमेटी के ध्यान में यह भी आया कि बुरैल जेल प्रबंधन ने कैदियों द्वारा तैयार किए गए फर्नीचर, पेंटिंग, आटा-दाल, दलिया, मिठाइयां, बेकरी आइटम, स्नैक्स, गमले, पौधे और सजावटी वस्तुओं की बिक्री के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में एक शोरूम स्थापित किया हुआ है। इस शोरूम में जेल में तैयार की गई अच्छी गुणवत्ता की वस्तुएं उचित कीमतों पर आम लोगों के लिए उपलब्ध करवाई जाती हैं और लोग इन्हें उत्साह के साथ खरीदते भी हैं।

    कमेटी का मानना है कि ऐसे प्रयासों से जहां कैदियों का मनोबल बढ़ता है वहीं उनका समय भी रचनात्मक कार्यों में व्यतीत होता है। इससे जेल का वातावरण सकारात्मक बना रहता है और कैदियों में आपसी सहयोग और रुचि की भावना भी विकसित होती है।

    कमेटी ने सुझाव दिया है कि बुरैल जेल की तर्ज पर पंजाब की जेलों में भी कैदियों द्वारा तैयार किए गए सामान की बिक्री के लिए व्यवस्था की जाए, ताकि इन उत्पादों को आम लोगों तक पहुंचाया जा सके। इससे जेल प्रशासन और कैदियों दोनों को आर्थिक लाभ होगा और कैदियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।

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