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    पंजाब में लेक्चरर भर्ती विवादों में, आरक्षित सीटों को लेकर उठे सवाल; बसपा विधायक ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 02:20 PM (IST)

    बसपा विधायक डॉ. नछत्तर पाल ने लेक्चरर भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया रोकने और आ ...और पढ़ें

    बसपा विधायक डॉ. नछत्तर पाल।

    बसपा विधायक डॉ. नछत्तर पाल।

    HighLights

    1. बसपा विधायक ने लेक्चरर भर्ती में आरक्षण अनदेखी का आरोप लगाया।

    2. मुख्य सचिव को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया रोकने की मांग की।

    3. एससी वर्ग के लिए सीटों का दोबारा निर्धारण करने की अपील।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में लेक्चरर भर्ती को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक डाॅ. नछत्तर पाल ने शिक्षा भर्ती निदेशालय की ओर से विभिन्न विषयों के लेक्चररों की भर्ती में संवैधानिक आरक्षण नीति की अनदेखी का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाकर आरक्षण नियमों के अनुसार सीटों का दोबारा निर्धारण करने की मांग भी उठाई है।

    डाॅ. नछत्तर पाल ने अपने पत्र में कहा कि शिक्षा भर्ती निदेशालय, पंजाब के फेज-3बी2, सेक्टर-60 मोहाली कार्यालय की ओर से 25 जून 2026 को अलग-अलग विषयों के लेक्चररों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किए गए थे। इनमें पंजाबी, गणित, अर्थशास्त्र, कामर्स, बायोलाजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और भूगोल समेत कई विषय शामिल हैं। इन पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं।

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    एससी वर्ग के लिए नियमानुसार आरक्षित सीटें नहीं

    उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती संबंधी दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया कि कई पदों में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए नियमानुसार आरक्षित सीटें नहीं रखी गईं। उनके मुताबिक सरकारी नौकरियों में एससी वर्ग को आरक्षण से वंचित करना संविधान और राज्य की आरक्षण नीति का सीधा उल्लंघन है।

    बसपा विधायक ने कहा कि पंजाब देश में सबसे अधिक अनुसूचित जाति आबादी वाला राज्य है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में इस वर्ग की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल सीटों का बंटवारा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने का संवैधानिक अधिकार है।

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    भर्ती प्रक्रिया रोकने की रखी मांग

    डाॅ. नछत्तर पाल ने मांग की कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए या वापस लिया जाए। साथ ही रोस्टर प्वाइंट्स की दोबारा गणना कर आरक्षण नीति का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और एससी वर्ग के लिए नियमानुसार सीटें आरक्षित कर संशोधित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले में जल्द फैसला लेकर सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगी।

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