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    बिजली व्यवस्था पर इंजीनियरों की चेतावनी, स्टाफ और तकनीकी संकट नहीं सुलझा तो कभी भी बिगड़ सकते हालात

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 01:33 PM (GMT+05:30)

    पंजाब राज्य विद्युत निगम के इंजीनियरों ने स्टाफ की कमी, तकनीकी खामियों और बढ़ते कार्यभार पर गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि समय रहते सु ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. इंजीनियरों ने पंजाब की बिजली व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई।

    2. स्टाफ की कमी, तकनीकी खामियां मुख्य कारण बताए गए।

    3. तत्काल समाधान न होने पर व्यवस्था चरमराने की चेतावनी।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में बिजली व्यवस्था को लेकर राज्य विद्युत निगम के इंजीनियरों ने गंभीर चिंता जताई है। पंजाब राज्य बिजली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि यदि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो बिजली व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

    एसोसिएशन का कहना है कि स्टाफ की भारी कमी, तकनीकी खामियां और लगातार बढ़ते कार्यभार के कारण फील्ड स्तर पर हालात चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो व्यवस्था कभी भी चरमरा सकती है।

    15 जुलाई को भेजे गए पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि इंजीनियर लगातार बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।पत्र में बताया गया कि बिजली कटौती और बिलिंग संबंधी शिकायतों के लिए इंजीनियरों को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कई समस्याएं उनके नियंत्रण से बाहर हैं।

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    तकनीकी खामियों से बढ़ा बिजली व्यवस्था संकट

    एसोसिएशन ने नए बिलिंग सिस्टम को गंभीर परिचालन समस्या बताते हुए कहा कि इससे राजस्व पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। साथ ही 1912 काल सेंटर में पर्याप्त कर्मचारियों की कमी के कारण फील्ड इंजीनियरों को उपभोक्ताओं की शिकायतें भी स्वयं संभालनी पड़ रही हैं। मोबाइल एप, एमडीएम और ईआरपी से जुड़ी तकनीकी समस्याएं भी अब तक दूर नहीं हो सकी हैं।

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    पत्र में यह भी कहा गया है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बावजूद नई भर्ती पर्याप्त नहीं हुई है। सहायक अभियंताओं की पदोन्नति सहित कई लंबित मामलों का भी निस्तारण नहीं किया गया। आवश्यक सामग्री की कमी से नए बिजली कनेक्शन जारी करने, उपकरण बदलने और रखरखाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

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    एसोसिएशन ने 13 प्रमुख मांगों पर दिया जोर

    एसोसिएशन ने प्रबंधन से 13 प्रमुख मांगें रखते हुए पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी खामियों को दूर करने, फील्ड अधिकारियों को गैर-तकनीकी कार्यों से मुक्त करने, शिकायत निस्तारण व्यवस्था मजबूत करने, स्टोर में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध कराने, डिवीजन स्तर पर स्टाफ मानकों की समीक्षा करने और निर्धारित बिजली कटौती की जानकारी पहले से सार्वजनिक करने की मांग की है।

    विरोधी पार्टियों ने भी उठाया मुद्दा

    उधर, शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस पत्र को इंटरनेट मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि जब विभाग के अपने इंजीनियर ही बिजली व्यवस्था को लेकर चेतावनी दे रहे हैं तो सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दावों और प्रचार में व्यस्त है, जबकि बिजली व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है।

    मजीठिया ने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। हालांकि, इस संबंध में पंजाब राज्य विद्युत निगम या राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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