पंजाब में तीन दिन थमेंगे रोडवेज के पहिए! 7 हजार कर्मचारी हड़ताल पर, 2200 बसों नहीं उतरेंगी सड़कों पर
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के सात हजार से अधिक अनुबंध कर्मचारियों ने तीन से पांच अगस्त तक हड़ताल और चक्का जाम का एलान किया। नियमितीकरण, ठेकेदारी ख ...और पढ़ें

रोडवेज कर्मचारी जानकारी देते हुए।
HighLights
3 से 5 अगस्त तक प्रदेशव्यापी चक्का जाम की चेतावनी।
कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर अड़े।
ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (25/11) ने राज्य सरकार पर परिवहन विभाग की अनदेखी और कर्मचारियों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि विभाग व मौजूदा राज्य सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो 3 से 5 अगस्त तक प्रदेशव्यापी चक्का जाम किया जाएगा।
साथ ही परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री के आवास के बाहर धरना तथा मानसून सत्र के दौरान भूख हड़ताल भी की जाएगी। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने का वादा उनसे किया था, लेकिन चार वर्ष से अधिक समय और करीब 70 बैठकों के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
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ठेकेदारी व्यवस्था से हो रहा शोषण
उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारी व्यवस्था के कारण कर्मचारियों का शोषण हो रहा है तथा ईपीएफ और ईएसआई के नाम पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों और वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने आरोप लगाया कि सरकार किलोमीटर स्कीम के माध्यम से परिवहन विभाग का निजीकरण कर रही है।
उनका कहना था कि स्पेयर पार्ट्स, टायर और बैटरियों की कमी का हवाला देकर करीब 400 साधारण और 35 वॉल्वो बसें खड़ी रखी गई हैं, जिससे प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख किलोमीटर परिचालन प्रभावित हो रहा है और निजी बसों को लाभ मिल रहा है।
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मांगें न मानने पर हड़ताल की चेतावनी
यूनियन नेताओं ने बताया कि 24 जून की बैठक में सरकार ने 10 दिन में समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने घोषणा की कि 27 जुलाई को सभी डिपो पर गेट रैलियां होंगी, जबकि 3, 4 और 5 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
मांगें पूरी नहीं होने और गिरफ्तार साथियों पर दर्ज मामलों को वापस न लेने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने तथा सरकार की राजनीतिक रैलियों के बहिष्कार की भी चेतावनी दी गई। प्रधान रेशम सिंह गिल ने कहा कि सरकार ने अपना कोई भी वादा पूरा नहीं किया है।