बुजुर्गों की अनदेखी अब पड़ेगी भारी, भरण-पोषण नहीं करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई; पंजाब सरकार ने दिए निर्देश
पंजाब सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए भरण-पोषण कानून को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। उपेक्षा होने पर बुजुर ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और कानूनी अधिकारों को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करना केवल नैतिक ही नहीं, बल्कि कानूनी जिम्मेदारी भी है। यदि संतान या उत्तराधिकारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते या उनका भरण-पोषण करने से इन्कार करते हैं तो उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार बुजुर्गों के सम्मानजनक जीवन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वरिष्ठ नागरिक उपेक्षा, असुरक्षा या आर्थिक संकट का सामना न करे।
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भरण-पोषण नहीं किया तो कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि 'माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007' के तहत माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करना उनकी संतान और उत्तराधिकारियों की कानूनी जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति इस जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करता है तो संबंधित वरिष्ठ नागरिक उपमंडल अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत मिलने के बाद मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल मामले की समयबद्ध सुनवाई करेगा और कानून के अनुसार आवश्यक आदेश जारी करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने बुजुर्गों की सहायता के लिए एल्डर हेल्पलाइन 14567 भी संचालित की है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिक मानसिक, सामाजिक, कानूनी या अन्य किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षित विशेषज्ञ उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराते हैं।
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राज्य स्तर पर शिविर होंगे आयोजित
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य सरकार जिला स्तर पर जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर जरूरत पड़ने पर उचित सहायता ले सकें।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी बुजुर्ग ने अपनी देखभाल की शर्त पर किसी व्यक्ति के नाम संपत्ति हस्तांतरित की है और बाद में वही व्यक्ति उनकी उपेक्षा करता है या संपत्ति का दुरुपयोग करता है, तो मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल ऐसे संपत्ति हस्तांतरण को रद्द करने का अधिकार रखता है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी।