राहुल गांधी के दौरे से पहले सचिन पायलट का नया फॉर्मूला, पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी जंग खत्म करने का प्लान तैयार!
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने अपने पहले ही दौरे से गुटबाजी खत्म कर नेताओं को एकजुट किया। ...और पढ़ें

पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब प्रभारी सचिन पायलट और पीपीसीसी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।
HighLights
पायलट ने पहले दौरे में पंजाब कांग्रेस में एकजुटता का संदेश दिया।
चन्नी और वड़िंग लंबे समय बाद एक मंच पर नजर आए।
राहुल गांधी के दौरे से पहले संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देना।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में करीब तीन महीने से चल रही गुटबाजी के बीच नए प्रभारी सचिन पायलट ने अपने पहले ही दौरे में पार्टी को एकजुटता का राजनीतिक संदेश देने में सफलता हासिल की है। मंगलवार को चंडीगढ़ में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर निकाले गए कांग्रेस के विरोध मार्च में इसकी झलक देखने को मिली।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत पार्टी के लगभग सभी प्रमुख नेता एक मंच पर नजर आए। चन्नी और वड़िंग के लंबे अंतराल के बाद एक मंच पर आने को पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को कम करने की दिशा में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
पायलट के सामने अब इस एकजुटता को संगठनात्मक स्तर पर कायम रखने की चुनौती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के सितंबर के अंत में प्रस्तावित पंजाब दौरे से पहले पायलट दोबारा पंजाब आ सकते हैं। इस दौरान उनकी प्राथमिकता वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना और संगठन के स्तर पर लंबित फैसलों को आगे बढ़ाना होगी।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर कांग्रेस की तैयारियां पहले से चल रही हैं और पायलट की नियुक्ति भी इसी प्रक्रिया के बीच हुई है।
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चुनावी समितियों पर भी जल्द फैसला
पायलट के सामने अगला बड़ा काम चुनाव से जुड़ी समितियों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर समन्वय बनाना है। पार्टी हाईकमान की ओर से पंजाब को लेकर नेतृत्व स्तर पर चर्चा के बाद पायलट को जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगली बैठकों में वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां देने और सभी गुटों को चुनावी ढांचे में प्रतिनिधित्व देने पर चर्चा होगी।
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राहुल और प्रियंका गांधी करेंगे लीड
पायलट पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी एक नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करके मैदान में नहीं उतरेगी। पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी और बहुमत मिलने के बाद नेतृत्व पर फैसला किया जाएगा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को चुनाव अभियान में प्रमुख भूमिका देने की बात भी सामने आई है।
इस रणनीति के जरिए कांग्रेस फिलहाल नेतृत्व की अंदरूनी खींचतान को चुनावी मुद्दों से पीछे रखने की कोशिश कर रही है। 15 सितंबर का प्रदर्शन इस दिशा में पहला बड़ा सार्वजनिक संकेत रहा, लेकिन आने वाले दिनों में पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती मंच की एकजुटता को बूथ और संगठन स्तर तक पहुंचाने की होगी।
