दुष्कर्म मामले में इंसाफ के लिए अकाली दल ने खोला मोर्चा, राज्यपाल से मिले सुखबीर बादल; CBI जांच की रखी मांग
दुष्कर्म मामले में पीड़िताओं को न्याय दिलाने की मांग पर अकाली दल ने पांच सितंबर से मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन का एलान किया। राज्यपाल से सीबीआइ जांच मांगी।

पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपते हुए अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल।
HighLights
अकाली दल ने दुष्कर्म मामले में CBI जांच की मांग की।
सुखबीर बादल ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की।
5 सितंबर से हरसिमरत बादल के नेतृत्व में प्रदर्शन होगा।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। दुष्कर्म मामले में पीड़िताओं को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अकाली नेता विक्रम सिंह मजीठिया, डा दलजीत कौर की माता समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपित को बचाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी और पंजाब पुलिस के कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।
उन्होंने कहा कि पीड़िताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी दर्ज करवाए, इसके बावजूद आरोपित को कथित तौर पर राहत दिलाने का प्रयास किया गया।
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सबूत के लिए सौंपी ऑडियो रिकार्डिंग
बादल ने आरोप लगाया कि मामले को खत्म करने के लिए कथित तौर पर बड़ी रकम की मांग की गई। उन्होंने कहा कि उनके पास इस संबंध में केवल मौखिक आरोप नहीं हैं, बल्कि नए सबूत के तौर पर ऑडियो रिकार्डिंग और अदालत का आदेश भी मौजूद है। उन्होंने पत्रकारों के सामने इन सबूतों का हवाला देते हुए कहा कि इनसे पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि जांच का दायरा केवल दुष्कर्म के आरोपित तक सीमित नहीं होना चाहिए। जिन लोगों ने कथित तौर पर आरोपित को बचाने में मदद की, जिन अधिकारियों ने कार्रवाई की और जिन लोगों पर पैसे लेने के आरोप हैं, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बादल ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप की अपील
सुखबीर बादल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि पंजाब सरकार के स्तर पर मामले को दबाने के बजाय स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि पीड़िताओं को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
हरसिमरत बादल के नेतृत्व में पांच सितंबर से प्रदर्शन
अकाली दल ने घोषणा की कि पीड़िताओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पांच सितंबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में अकाली दल की स्त्री विंग की महिलाएं मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगी। पार्टी के अनुसार पंजाबभर से बड़ी संख्या में महिलाएं प्रदर्शन में शामिल होंगी।
इसके बाद जिला और विधानसभा हलका स्तर पर भी कार्यक्रम किए जाएंगे। सुखबीर बादल ने स्पष्ट किया कि पीड़िताओं को इंसाफ मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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