Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Punjab News: 'लाखों खेल प्रेमियों का टूटा दिल', CM मान ने उठाई विनेश फोगाट मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

    Updated: Thu, 08 Aug 2024 06:32 PM (IST)

    Punjab News पेरिस ओलंपिक 2024 (Paris Olympics 2024) में भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) के डिसक्वालीफाई होने के बाद से पंजाब के मुख्यम ...और पढ़ें

    CM मान ने विनेश फोगाट मामले की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग (जागरण फोटो)
    CM मान ने विनेश फोगाट मामले की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. विनेश फोगाट मामले की हो निष्पक्ष जांच: मान
    2. 'जांच से ही घटना की सच्चाई आएगी सामने'
    3. 'घटना ने पूरे खेल जगत को किया आहत'

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। ओलंपिक में कुश्ती के 50 किलो भार वर्ग के फाइनल में 100 ग्राम अधिक वजन से अयोग्य घोषित हुई। महिला पहलवान विनेश फोगाट की घटना के बारे में सहायक स्टाफ की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस घटना ने पूरे खेल जगत को आहत किया है।

    उन्होंने कहा कि इस घटना ने लाखों खेल प्रेमियों के दिलों को गहरी ठेस पहुंचाई है, जिस कारण इसकी निष्पक्ष जांच करवाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि इस जांच से न केवल लोगों का पूरे ढांचे में विश्वास बहाल होगा, बल्कि इस घटना की असली सच्चाई भी सामने आएगी।

    सहायक स्टाफ भूमिका को लेकर भी किया सवाल

    भगवंत मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फोगाट के स्टाफ की भूमिका भी संदिग्ध है क्योंकि उन्होंने निर्धारित सीमा के भीतर पहलवान का वजन नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुखद घटना ने बड़े सवाल खड़े किए है और निष्पक्ष जांच के माध्यम से इनका जवाब दिया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि ओलंपिक खेलों जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले, जहां देश का सब कुछ दांव पर लगा हो, में 100 ग्राम वजन नियंत्रित करना बहुत बड़ा मसला नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सहायक स्टाफ की विफलता है क्योंकि ऐसे मामलों का ध्यान रखना उनकी जिम्मेदारी है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: Haryana News: पंजाब के सीएम भगवंत मान ने विनेश फोगाट के चाचा से की मुलाकात, बोले- संघ को करना चाहिए था विरोध