बढ़ेगी रार या सुलझेगा विवाद? पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ भूपेश बघेल की बड़ी बैठक, चन्नी के फैसले पर सबकी निगाहें
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों पर असंतोष के बीच पूर्व सीएम चन्नी के अगले कदम पर सबकी नजर है। भूपेश बघेल चंडीगढ़ में नेताओं से बैठक कर रहे हैं।

पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ भूपेश बघेल की बड़ी बैठक (File Photo)
HighLights
पूर्व सीएम चन्नी के अगले कदम पर टिकी सबकी निगाहें
भूपेश बघेल चंडीगढ़ में कर रहे लगातार बैठकें
हाईकमान ने चुनाव समिति में बदलाव से किया इनकार
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर जारी असंतोष के बीच अब सबकी नजर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के अगले कदम पर टिकी है। पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल लगातार चौथे दिन भी चंडीगढ़ में डटे हुए हैं।
शुक्रवार को एक ओर चन्नी अपने समर्थक विधायकों और नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे, वहीं दूसरी ओर बघेल यूथ कांग्रेस पदाधिकारियों और अन्य नेताओं के साथ चुनावी तैयारियों तथा संगठनात्मक समन्वय को लेकर बैठक करेंगे।
सूत्रों के अनुसार चन्नी खेमे की बैठक में इस बात पर मंथन होगा कि आगे पार्टी नेतृत्व से बातचीत किस स्तर पर की जाए। चर्चा इस बात पर भी होगी कि चन्नी सीधे राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगेंगे या फिर चंडीगढ़ में ही भूपेश बघेल के साथ बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने का प्रयास करेंगे। चन्नी समर्थक लगातार चुनाव समिति के गठन और संगठन में हुई नियुक्तियों को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं।
सूची में नहीं होगा फेरबदल
इस बीच कांग्रेस हाईकमान की ओर से चुनाव समिति की सूची में किसी भी प्रकार के फेरबदल की संभावना से साफ इनकार कर दिया गया है। भूपेश बघेल भी लगातार दोहरा चुके हैं कि सूची में कोई बदलाव नहीं होगा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। हाईकमान के इस स्पष्ट रुख के बाद चन्नी खेमे पर संगठनात्मक निर्णय स्वीकार करने का दबाव बढ़ गया है।
गुरुवार सुबह भूपेश बघेल ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता तृप्ति राजिंदर सिंह बाजवा से भी मुलाकात की। इससे पहले तीन दिनों में वह पार्टी के कार्यकारी अध्यक्षों, जिला अध्यक्षों, एआईसीसी सचिवों, हल्का प्रभारियों, प्रवक्ताओं और विभिन्न नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर चुके हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करना और आपसी मतभेदों को समाप्त करना बताया जा रहा है।
बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की तैयारी
शुक्रवार को यूथ कांग्रेस नेताओं के साथ होने वाली बैठक में युवा कार्यकर्ताओं की भूमिका, चुनावी रणनीति और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक भूपेश बघेल शुक्रवार को दिल्ली रवाना हो सकते हैं।
रवाना होने से पहले वह पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, नेताओं से हुई बातचीत और संगठन में चल रहे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपेंगे। अब देखना होगा कि चन्नी की बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता निकलता है या पंजाब कांग्रेस का यह सियासी गतिरोध अभी और लंबा खिंचता है।
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