आंखों में आंसू, हाथों में पापा की फोटो... कौन हैं चंडीगढ़ के नए मेयर सौरभ जोशी? पिता को याद कर रोए
Chandigarh Mayor Saurabh Joshi Profile: भारतीय जनता पार्टी के नेता सौरभ जोशी चंडीगढ़ के नए मेयर चुने गए हैं, जिन्होंने 18 वोट पाकर कांग्रेस और आम आदमी ...और पढ़ें

कैप्शन: चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी के सौरभ जोशी ने 18 वोटों से जीता चुनाव (जागरण ग्राफिक्स)
HighLights
सौरभ जोशी चंडीगढ़ के नए मेयर चुने गए, 18 वोट मिले।
पिता को याद कर भावुक हुए, सेवा-संस्कार की बात कही।
जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं, परिवार और मित्रों को दिया।
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। Chandigarh New Mayor Profile: भारतीय जनता पार्टी के नेता सौरभ जोशी (Who is Saurabh Joshi) चंडीगढ़ के नए मेयर नियुक्त हुए हैं। आज मेयर चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी ने 18 वोट पाकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों को शिकस्त दी। जोशी के चुनाव जीतने के बाद उनके साथियों ने उन्हें मेयर की कुर्सी पर बैठाया। इस बीच संबोधन के दौरान सौरभ भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू थे और हाथ में पिता की फोटो। सोशल मीडिया पर उनका यह फोटो जमकर वायरल हो रहा है। चंडीगढ़ के नए मेयर सौरभ कौन हैं और उन्होंने कैसे चुनाव जीता? आइए विस्तार से जानते हैं।
कौन हैं चंडीगढ़ के नए मेयर सौरभ जोशी?
चंडीगढ़ के नए मेयर सौरभ जोशी (Saurabh Joshi Koun hai) भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद ही उनका सियासी सफर शुरू हो गया था। बातों में मिठास और विपक्ष के लिए सम्मान, उनके संबोधन में साफ नजर आता है। स्नातक से शुरू हुई राजनीति नगर निगम के पार्षद तक रही और अब मेयर तक।

एबीवीपी के उम्मीदवार के रूप में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद के चुनावों में अध्यक्ष और महासचिव पद के लिए चुनाव लड़कर अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। सौरभ चंडीगढ़ सेक्टर 12 से पार्षद रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी सौरभ काफी एक्टिव रहते हैं। उनकी तस्वीरों और वीडियो से अंदेशा लगाया जा सकता है कि उनका सबसे ज्यादा फोकस युवा पीढ़ी पर रहता है।

संबोधन के वक्त भावुक हुए सौरभ
सदन में अपना पहला भाषण देते समय सौरभ जोशी भावुक हो गए। उन्होंने पिता को याद करते हुए कहा, 'एक पिता की तपस्या एक बेटे का संकल्प है। मैं वहां से आता हूं जहां राजनीति शोर नहीं थी सेवा और संस्कार थी, जहां मेरे पिता अपने लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए जिए जिन्हें समाज अक्सर देखना भूल जाता है।'
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मैंने अपने पिता को हमेशा मजदूर की पीढ़ा सुनते हुए देखा है। उनके लिए दलित-वंचित परिवार का हिस्सा थे। उन्होंने घर पर कभी आराम की बात नहीं की, उनसे बस यही सिख मिली, अगर किसी की आंख में आंसू हुए तो राजनीति नहीं इंसानियत को पहले रखो- सौरभ जोशी, चंडीगढ़ मेयर
सौरभ जोशी ने कहा कि अगर आज मैं यहां खड़ा हूं तो यह उनकी (पिता) तपस्ता थी । मेरे 14 साल आसान नहीं थे, मुझे कोई मंच नहीं मिला, कई बार लगा शायद इंतजार ही मेरा भाग्य हैं। लेकिन पिता का संबल हमेशा साथ रहता, (रोते हुए बोले)। उन कठिन दिनों में मेरा परिवार मेरी ढाल बनकर रहा। मेरे मित्रों ने मेरा साथ दिया। हर निवासी ने मुझे प्यार विश्वास और ताकत दी। जब मैं थका तब उन्होंने मुझे चलाया, जब मैं चुप हुआ तो मेरी आवाज बनकर मेरा साथ दिया। इस यात्रा का हर श्रेय उन सबको जाता है। सदन के लोगों को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि आज सदन में मुझे सिर्फ समर्थन नहीं बल्कि अपने पिता की परछाई दिखती है। विपक्ष की आंखो में भी वही सम्मान वही विश्वास नजर आता है।

मीडिया से क्या बोले सौरभ?
चंडीगढ़ नगर निगम के नए महापौर चुने जाने के बाद भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने कहा, “यह जीत देशभर के उन कार्यकर्ताओं की है जो बूथ स्तर पर अथक परिश्रम करते हैं। पार्टी ने 2026 में मुझ पर भरोसा जताया था और यह जीत उसी भरोसे का नतीजा है। मैं भावुक हो गया क्योंकि मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं इस मुकाम तक पहुंचूंगा। यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि नेतृत्व सिर्फ नेताओं को ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को भी बढ़ावा देता है।”