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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'सजा के बावजूद कैबिनेट में जगह क्यों?' मंत्री अमन अरोड़ा को पद से हटाने को लेकर पंजाब राज्यपाल बोले; अब सरकार ने मांगी राय?

    Updated: Tue, 09 Jan 2024 12:52 PM (IST)

    Punjab News कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा सहित नौ व्यक्तियों को सुनाम की अदालत ने 23 दिसंबर को दो वर्ष की सजा सुनाई है। सजा पर रोक लगाने की मांग को लेकर अ ...और पढ़ें

    कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को दो साल की सजा हुई (File Photo)
    कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को दो साल की सजा हुई (File Photo)

    HighLights

    1. घरेलू हिंसा के एक मामले में दो वर्ष की सजा होने के बाद कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को हुई सजा
    2. अरोड़ा सहित नौ व्यक्तियों को सुनाम की अदालत ने 23 दिसंबर को दो वर्ष की सजा सुनाई है

    इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़ (Minister Aman Arora)। घरेलू हिंसा के एक मामले में दो वर्ष की सजा होने के बाद कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को कैबिनेट से हटाने को लेकर राज्य सरकार ने एडवोकेट जनरल गुरविंदर सिंह गैरी से राय मांगी है। ऐसा राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को शनिवार को लिखे गए पत्र के बाद किया है।

    सजा के बावजूद कैबिनेट में जगह क्यों?

    अरोड़ा सहित नौ व्यक्तियों को सुनाम की अदालत ने 23 दिसंबर को दो वर्ष की सजा सुनाई है। सजा पर रोक लगाने की मांग को लेकर अरोड़ा ने अभी तक अपील नहीं की है। उनके निकटवर्ती सूत्र बताते हैं कि वह एक-दो दिन में ही जिला अदालत में अपील करेंगे। सजा सुनाने के 15 दिन बीतने के बावजूद उन्होंने ऐसा नहीं किया तो राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि यह गंभीर मामला है कि जिस व्यक्ति को दो वर्ष की सजा हो गई हो, उसे कैबिनेट में रखा हुआ है।

    एजी की राय रखेंगे सामने

    उन्होंने 26 जनवरी को अरोड़ा द्वारा झंडा फहराने के कार्यक्रम को लेकर भी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी। चूंकि, मान पिछले सोमवार से ही राज्य से बाहर हैं, इसलिए उनके चंडीगढ़ लौटने के बाद ही इस मुद्दे पर राज्य के उच्च अधिकारी उनसे बात करेंगे और एजी की राय को उनके सामने रखेंगे। मंगलवार को यह बैठक होने की संभावना है।

    उधर, अरोड़ा की सजा को लेकर चर्चाएं हैं। कहा जा रहा है कि यह निर्णय क्या मुख्यमंत्री को लेना है कि स्पीकर को। किसी विधायक या सांसद को दो वर्ष या इससे ज्यादा सजा मिलने पर संविधान में उसकी सदस्यता जाने का प्रविधान तो है, लेकिन मंत्री पद के बारे में कुछ नहीं कहा है। अरोड़ा ऐसे दूसरे मंत्री हैं, जिन्हें घरेलू हिंसा के चलते सजा सुनाई है।

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