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    मानसून की पहली बारिश में डूबा फरीदकोट शहर, सड़कों पर भरा पानी; जनजीवन प्रभावित

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 12:50 PM (GMT+05:30)

    मानसून की पहली बारिश में फरीदकोट, कोटकपूरा और जैतो के कई इलाके जलमग्न हो गए। सड़कों और बाजारों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने ...और पढ़ें

    फरीदकोट की सड़कों पर जमा पानी।

    फरीदकोट की सड़कों पर जमा पानी।

    HighLights

    1. फरीदकोट में मानसून की पहली बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया।

    2. शहर की सड़कों और निचले इलाकों में भारी जलभराव हुआ।

    3. खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

    जागरण संवाददाता, फरीदकोट। फरीदकोट जिले में गुरुवार सुबह हुई मानसून की पहली बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कुछ घंटों तक हुई बारिश के बाद ही फरीदकोट, कोटकपूरा और जैतो के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए। सड़कों, बाजारों और निचले क्षेत्रों में पानी भरने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं।

    फरीदकोट शहर में कई मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में लंबे समय तक पानी जमा रहा। सड़कों पर करीब एक-एक फीट तक पानी भरने से वाहन चालकों को काफी दिक्कत हुई। दोपहिया वाहन कई स्थानों पर पानी में बंद हो गए, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और बाजार आने वाले लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलें झेलनी पड़ीं।

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    कोटकपूरा मुख्य मार्ग प्रभावित

    कोटकपूरा में मुख्य मार्ग, बस अड्डे के आसपास का क्षेत्र और पुराने शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी रही। वहीं जैतो में मुख्य बाजार और आसपास की सड़कें भी बारिश के पानी से भर गईं। कई दुकानों के बाहर पानी जमा होने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई। कुछ व्यापारियों ने बताया कि पानी दुकानों के अंदर तक पहुंचने से सामान खराब होने की आशंका भी बनी रही।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षा से पहले नालों और सीवरेज लाइनों की नियमित और प्रभावी सफाई की जाती तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। उनका कहना है कि कई स्थानों पर नालों में गाद, प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा होने के कारण बारिश का पानी समय पर नहीं निकल पाया। इससे थोड़ी ही देर की बारिश में जलभराव की स्थिति बन गई।

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    कारोबारी व स्थानीय निवासी हुए परेशान

    शहरवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश से पहले जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में कई इलाकों में पानी भर जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। उनका मानना है कि जिन स्थानों पर हर साल जलभराव होता है, वहां स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

    व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने कहा कि बाजारों और प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से न केवल कारोबार प्रभावित होता है, बल्कि यातायात भी बाधित होता है। यदि आने वाले दिनों में लगातार और अधिक बारिश होती है तो स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उन्होंने संबंधित विभागों से मांग की कि जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कर जहां भी आवश्यक हो, तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं ताकि पूरे वर्षा मौसम के दौरान लोगों को राहत मिल सके।

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