पूर्व जत्थेदार के बयान के बाद हरकत में SIT, बेअदबी व बहिबल कलां मामलों की जांच तेज; आज घटनास्थलों का किया दौरा
बरगाड़ी बेअदबी और बहिबल कलां गोलीकांड मामलों की जांच में एसआईटी ने घटनास्थलों का दौरा कर पुराने साक्ष्यों और रिकॉर्ड की दोबारा समीक्षा शुरू की। अधिकार ...और पढ़ें

फरीदकोट जिले में डीआईजी हरजीत सिंह के नेतृत्व में पहुंची SIT।
HighLights
एसआईटी ने बरगाड़ी बेअदबी और बहिबल कलां के स्थलों का दौरा किया।
पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान से जांच में तेजी आई।
डीआईजी हरजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने साक्ष्यों की समीक्षा की।
राज्य ब्यूरो/जागरण संवाददाता, चंडीगढ़/फरीदकोट। वर्ष 2015 के बहुचर्चित बरगाड़ी बेअदबी प्रकरण और बहिबल कलां गोलीकांड की जांच में एक बार फिर तेजी दिखाई देने लगी है। पंजाब सरकार द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) में किए गए बदलाव के बाद गुरुवार को डीआईजी बठिंडा हरजीत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी ने इन मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण घटनास्थलों का दौरा कर जांच की प्रगति की समीक्षा की।
टीम ने पुराने रिकॉर्ड, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम का दोबारा अध्ययन करते हुए जांच को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की। एसआईटी सबसे पहले गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुंची। यह वही स्थान है, जहां एक जून 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप चोरी होने की घटना सामने आई थी। इसके बाद टीम गांव बरगाड़ी पहुंची, जहां 12 अक्टूबर 2015 को बेअदबी की घटना हुई थी। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की।
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फरीदकोट जिले के गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला में डीआईजी हरजीत सिंह के नेतृत्व में पहुंची SIT।
2015 में हुई थी फायरिंग
इसके बाद एसआईटी बहिबल कलां पहुंची, जहां 14 अक्टूबर 2015 को प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग हुई थी। उस घटना में गांव नियामीवाला के किशन भगवान सिंह और गांव सरावां के गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जांच के विभिन्न पहलुओं का आकलन किया।
निरीक्षण के बाद एसआईटी थाना बाजाखाना भी पहुंची। इसी थाने में इन मामलों से संबंधित प्राथमिकी दर्ज हैं। यहां टीम ने केस रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा की। साथ ही मामले से जुड़े कुछ गवाहों से भी बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई।
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ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान के बाद आई तेजी
गौरतलब है कि श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान के बाद इन मामलों की जांच ने फिर गति पकड़ी है। इसी क्रम में एसआईटी पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री विजय सांपला, पूर्व विशेष कार्याधिकारी गगनदीप सिंह बराड़ और तत्कालीन उपायुक्त फरीदकोट मालविंदर सिंह जग्गी से भी पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी अब उपलब्ध तथ्यों और बयानों का मिलान कर आगे की कार्रवाई की दिशा तय कर रही है।
डीआईजी हरजीत सिंह ने बताया कि एसआईटी बहिबल कलां गोलीकांड मामले की जांच के सिलसिले में घटनास्थलों का निरीक्षण करने पहुंची है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित परिवारों को न्याय का इंतजार
वहीं, बहिबल कलां गोलीकांड में जान गंवाने वाले किशन भगवान सिंह के परिजन सुखराज सिंह नियामीवाला ने कहा कि एसआईटी लंबे समय से जांच कर रही है, लेकिन पीड़ित परिवारों को न्याय तभी मिलेगा, जब जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि मामलों का स्थानांतरण चंडीगढ़ होने के बावजूद उनका परिवार न्याय की लड़ाई लगातार लड़ रहा है।
फिलहाल एसआईटी की ओर से घटनास्थलों का दोबारा निरीक्षण और पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा को जांच की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे की जांच में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और उनके आधार पर क्या कार्रवाई की जाती है।