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    फिरोजपुर परिषद चुनाव के बाद बढ़ी अंदरूनी तकरार, विरोध जताने वालों पर भाजपा का एक्शन; 4 नेता निष्कासित

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 05:08 PM (IST)

    फिरोजपुर में नगर परिषद चुनाव के बाद भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में चार नेताओं को छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया। ...और पढ़ें

    भाजपा बैठक में मौजूद नेता।

    भाजपा बैठक में मौजूद नेता।

    HighLights

    1. भाजपा ने फिरोजपुर के 4 नेताओं को निष्कासित किया।

    2. नगर कौंसिल चुनावों में पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप।

    3. निष्कासन से भाजपा में आंतरिक कलह हुई उजागर।

    डाॅ. तरुण जैन, फिरोजपुर। नगर कौंसिल चुनावों के दौरान आजाद प्रत्याशी और शिअद की तरफ से चुनाव लड़ने वाले चार नेताओं को भाजपा ने छह वर्ष के लिए बाहर का रास्ता दिखाया है। पार्टी के फैसले के बाद भाजपा में एक बार फिर से आंतरिक कलह खुलकर सामने देखने को मिली है। पार्टी ने जिस लोगों को निष्कासित किया है, उसमें पूर्व नगर कौंसिल अध्यक्ष अश्विनी ग्रोवर, पूर्व पार्षद राजेश निंदी, पूर्व पार्षद मनीष धवन के अलावा रोहित धवन शामिल है।

    जिलाध्यक्ष सर्बजीत सिंह बोबी बाठ ने कहा कि अश्विनी ग्रोवर ने वार्ड नंबर 28, राजेश कुमार निंदी की पत्नी जीवन बाला ने वार्ड नंबर 23, मनीश धवन की पत्नी चन्नप्रीत धवन ने वार्ड नंबर 27 तथा रोहित धवन की पत्नी रितु धवन ने अकाली दल बादल की टिकट से वार्ड नंबर 25 से चुनाव लड़ा था।

    उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त लोगों ने पार्टी के हितों के विरुद्ध के अलावा संगठन को नुकसान पहुंचाने की गतिविधियों को अंजाम दिया है, जिसके चलते उन पर कार्रवाई अमल में लाई गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा अनुशासनिक, सिद्धांतक और कैडर आधारित संगठन है।

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    पार्टी में आंतरिक कलह हुई जगजाहिर

    चुनावों के दौरान अश्विनी ग्रोवर और जीवन बाला ने अपने चुनावी होर्डिंंगस पर पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष कमल शर्मा की फोटो लगाई थी, क्योंकि दोनों नेता ही कमल शर्मा के करीबी माने जाते थे, लेकिन चुनाव से कुछ दिन पहले उन्होंने कमल शर्मा की फोटो भी बोर्ड से हटा दी थी। इतनी ही नहीं चन्नप्रीत धवन की मदद के लिए खुद राणा सोढ़ी और उनके बेटे हीरा सोढ़ी ने डोर टू डोर प्रचार करने के अलावा लोगों से उनके हित में वोट मांगी थी।

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    पार्टी को पहुंचाया जा रहा आंतरिक नुकसान

    पूर्व पार्षद मनीष धवन ने कहा कि उनकी पत्नी ने वार्ड नंबर 27 से आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था और यहां पर भाजपा ने जिसे टिकट दी थी, उसका नामांकन जांच के दौरान रद्द हो गया था। उन्होंने कहा कि खुद भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और उनके बेटे अनुमीत ङ्क्षसह सोढ़ी ने उनके हित में प्रचार किया था।

    उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता खुद ही आंतरिक तौर पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने पर लगे हुए है। उन्होंने कहा कि 2021 के कौंसिल चुनावों में जब पार्टी को कोई उम्मीदवार नहीं मिल रहा था तो उन्होंने तब भी आजाद प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा था और 621 से ज्यादा वोट हासिल किए थे।

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    पार्टी का निर्णय मान्य

    पूर्व नगर कौंसिल अध्यक्ष अश्विनी ग्रोवर ने कहा कि फिलहाल वह कोई भी टिप्पणी नहीं करना चाहते। पार्टी सुप्रीम है और पार्टी का निर्णय भी उन्हें मान्य है। आने वाले समय में वह खुलकर अपनी बात रखेंगे और पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को खुलकर खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि 1987 से पार्टी की सेवा में जुटे है और एबीवीपी से कार्य शुरू कर भाजपा में अहम पदों पर सेवाएं दे चुके है।

    नामांकन रद्द करवाना गलत

    जिला प्रधान सरबजीत सिंह बॉबी बाठ ने कहा कि ममदोट के नगर पंचायत चुनावों में भाजपा ने कर्मठ प्रत्याशी मैदान में उतारे थे, लेकिन सत्ताधारी सरकार द्वारा उनके नामांकन यह कहकर रद्द करवा दिए कि उन प्रत्याशियों ने सरकारी जगह पर कब्जा कर रखा है, जोकि बिल्कुल गलत है।

    उन्होंने कहा कि इस बारे में पार्टी द्वारा डिप्टी कमिश्नर से लेकर राज्य के चुनाव अधिकारी तक को ई-मेल के माध्यम से शिकायत की गई है। उन्होंने मांग की है कि यह चुनाव बिल्कुल भी लोकतांत्रिक ढंग से नहीं करवाए जा रहे है और इन्हें रद्द करना चाहिए, अन्यथा पार्टी हाईकोर्ट का रुख करेंगी।

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