सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में सरकारों ने पंजाब की बिजली व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में किसान बिजली संकट से जूझ रहे हैं और समय पर बिजली नहीं मिलने के कारण धान की फसल सूखने लगी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि किसानों को प्रतिदिन आठ से दस घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली कटौती हो रही है, जिससे खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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खेतों में सूखती दिख रही धान की फसल
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उन्होंने स्वयं खेतों का दौरा किया है, जहां धान की फसल सूखती हुई दिखाई दे रही है। उनका कहना था कि यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई तो किसानों की मेहनत और फसल दोनों पर संकट गहरा सकता है।
उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस समय पंजाब को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाया गया था। उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकार ने बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए थर्मल संयंत्र खरीदे थे। उस दौरान भी कभी-कभी बिजली कटौती होती थी, लेकिन राज्य की मांग को पूरा करने में कोई बड़ी परेशानी नहीं आती थी।
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बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे सरकार
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि सरकार बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करे। इसका सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि इस समय धान की फसल को नियमित सिंचाई की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि बिजली संकट केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू उपभोक्ता भी लंबे बिजली कटों से परेशान हैं। लोगों को भीषण गर्मी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और अधिक गंभीर हैं।