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    गुरदासपुर में सेना भर्ती रैली में युवाओं का उत्साह; वर्षा के बीच दौड़ और शारीरिक परीक्षा के बाद दस्तावेज सत्यापन

    Updated: Sun, 15 Mar 2026 04:29 PM (IST)

    गुरदासपुर के सरकारी कालेज में आयोजित सेना भर्ती रैली के सातवें दिन युवाओं का उत्साह देखने को मिला। वर्षा के बावजूद दौड़ और शारीरिक परीक्षा हुई, जबकि द ...और पढ़ें

    भर्ती रैली के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षण में भाग लेते उम्मीदवार।

    भर्ती रैली के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षण में भाग लेते उम्मीदवार। 

    जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। सरकारी कालेज गुरदासपुर में आयोजित भारतीय सेना भर्ती रैली के सातवें दिन रविवार को पठानकोट क्षेत्र के युवाओं का उत्साह चरम पर रहा। हल्की बूंदाबांदी के बावजूद सैकड़ों की तादाद में युवा सेना की वर्दी पहनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए सुबह से ही भर्ती स्थल पर पहुंच गए।

    इस विशेष दिन की एक और खास बात यह रही कि जिन उम्मीदवारों की पूर्व निर्धारित तिथि पर किसी परीक्षा के कारण उपस्थिति नहीं हो पाई थी, उन्हें भाग लेने का अवसर प्रदान किया गया, ताकि कोई भी पात्र युवा इस अवसर से वंचित न रहे। भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत पारंपरिक रूप से 1.6 किलोमीटर की दौड़ से हुई। हल्की वर्षा भी युवाओं के जोश को ठंडा नहीं कर पाई।

    उम्मीदवारों ने पूरे उत्साह और जुनून के साथ दौड़ में भाग लिया और समय सीमा के भीतर दौड़ पूरी करने का प्रयास किया। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षण का दौर चला, जिसमें बैलेंस, ऊंची कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियां शामिल रहीं। उम्मीदवारों ने अपनी फिटनेस का शानदार प्रदर्शन किया। दोपहर बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी बड़ी पारदर्शिता और सुचारू ढंग से संपन्न हुई।

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    आम नागरिकों व सेना के बीच समन्वय दिखा

    भर्ती रैली में नागरिक प्रशासन और सेना के बीच उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला। जिला प्रशासन ने युवाओं के लिए भोजन और लस्सी की व्यवस्था की, जिससे दूर से आए उम्मीदवारों को काफी राहत मिली। वहीं, स्थानीय समाज के सहयोग ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर लंगर का आयोजन किया।

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    यह लंगर आम नागरिकों और भारतीय सेना के बीच अटूट विश्वास और प्रेम का प्रतीक भी बना। मौके पर मौजूद सैन्य अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और समाज के इस सहयोग की सराहना की। भर्ती प्रक्रिया की सफलता में पारदर्शिता सबसे अहम पहलू रही। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से संपन्न किया गया, जिससे हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे।

    अधिकारियों ने कड़ी निगरानी रखी और यह सुनिश्चित किया गया कि सभी परीक्षण नियमों के अनुसार हों और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न हो। इस पारदर्शी व्यवस्था से उम्मीदवारों और उनके परिवारों में भरोसा बढ़ा और उन्होंने बिना किसी संशय के परीक्षा दी।

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    युवाओं में देशसेवा का जज्बा देखने को मिला

    इस दौरान कई उम्मीदवारों ने उत्कृष्ट शारीरिक प्रदर्शन करते हुए अगले चरण के लिए अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि अब तक की भर्ती प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सफल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं में देशसेवा का जज्बा देखते ही बनता है। उन्होंने जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से भर्ती रैली को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है।

    रविवार का दिन भर्ती रैली में एक मिसाल के तौर पर याद रखा जाएगा, जहां एक ओर युवाओं का जज्बा था, तो दूसरी ओर प्रशासन और आम लोगों का सेना के प्रति अटूट विश्वास और सहयोग। यह भर्ती रैली न केवल सेना के लिए युवाओं का चयन करने का माध्यम बनी, बल्कि यह नागरिक-सेना भावना का जीवंत उदाहरण भी बन गई, जहां हर कोई एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहा है।

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