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    गुरदासपुर में युवती को हिरासत में लेने पर भड़के किसान, पुलिस की गाड़ियां घेरीं; हंगामे के बाद हुई रिहाई

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:17 PM (IST)

    गुरदासपुर में हत्या मामले की जांच के दौरान युवती को हिरासत में लेने पर किसान संगठनों ने पुलिस का विरोध किया। हंगामे के बाद पुलिस ने युवती को मौके पर छ ...और पढ़ें

    युवा काे रिहा कर लेकर जाते पारिवारिक सदस्य व किसान।

    युवा काे रिहा कर लेकर जाते पारिवारिक सदस्य व किसान।

    HighLights

    1. पुलिस ने हत्या के आरोपी की बहन को हिरासत में लिया था।

    2. किसान संगठनों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।

    3. बढ़ते हंगामे के बाद पुलिस ने युवती को रिहा कर दिया।

    जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। पुराना शाला थाना क्षेत्र में वीरवार सुबह पुलिस की एक कार्रवाई को लेकर किसान संगठनों और पुलिस के बीच तीखा टकराव हो गया। हत्या के एक मामले में फरार आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस द्वारा उसकी बहन को हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाते हुए किसान संगठनों ने पुराना शाला चौक में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों का घेराव कर विरोध जताया।

    बढ़ते विरोध और तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस ने युवती को मौके पर ही छोड़ दिया। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, पांच जुलाई को गांव भुंडोवाल निवासी रोहित सिंह की हत्या के मामले में पुराना शाला पुलिस ने छह युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

    इन आरोपितों में गांव चंद्रभान निवासी पूर्व सैनिक मलकीत सिंह उर्फ लाली का बेटा गुरसेवक सिंह भी शामिल है, जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है।

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    आरोपी की तलाश में बहन को हिरासत में लिया

    बताया गया कि वीरवार सुबह थाना प्रभारी कुलविंदर सिंह और ग्रामीण पुलिस उपाधीक्षक सीमा कुमारी पुलिस टीम के साथ गांव चंद्रभान पहुंचे। आरोप है कि फरार आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके घर से उसकी बहन को हिरासत में ले लिया। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने मौके पर इसका विरोध किया और कहा कि युवती का इस मामले से कोई संबंध नहीं है, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

    घटना की सूचना मिलते ही किसान मजदूर संघर्ष कमेटी और पगड़ी संभाल जट्टा लहर के नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पुराना शाला चौक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की सरकारी गाड़ियों का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की और युवती को तुरंत रिहा करने की मांग की। कुछ समय तक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

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    प्रदर्शन तेज होने और लोगों के बढ़ते विरोध को देखते हुए पुलिस ने युवती को धरनास्थल पर ही छोड़ दिया। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और प्रदर्शनकारी शांत हुए।

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    किसान ने जताया विरोध

    किसान नेता रणजीत सिंह राणा, बलजिंदर सिंह चीमा, भूपिंदर सिंह सेखवां और बलदेव सिंह सेखवां ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि किसी युवक पर मामला दर्ज है तो पुलिस कानून के अनुसार उसे गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन किसी निर्दोष बहन-बेटी को हिरासत में लेकर दबाव बनाना कानून और मानवाधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है।

    नेताओं ने यह भी कहा कि थाना प्रभारी इसी क्षेत्र से संबंध रखते हैं और लोगों को उनसे निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद थी, लेकिन इस घटना से क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना था कि पुलिस की इस कार्रवाई के वीडियो भी परिवार के पास मौजूद हैं और इन्हें साक्ष्य के रूप में अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।

    परिवार ने पुलिस पर उठाए सवाल

    वहीं, पीड़ित परिवार ने भी पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि उनके बेटे पर आरोप हैं तो पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करे, लेकिन परिवार की महिलाओं को परेशान करना उचित नहीं है।

    दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। हालांकि, हत्या के मामले में फरार आरोपित की तलाश और संबंधित घटनाक्रम को लेकर जांच जारी है। पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई के तौर-तरीकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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