बाजार खाली, सड़कों पर सन्नाटा.. किन सिखों की रिहाई चाहती है कौमी इंसाफ मोर्चा? पढ़ें 'पंजाब बंद' की कहानी
पंजाब में कौमी इंसाफ मोर्चा ने सिख बंदियों की रिहाई के लिए सात घंटे का बंद बुलाया है, जिससे सड़कें और बाजार सुनसान हैं।

पंजाब में सात घंटे चलेगा प्रदर्शन (जागरण ग्राफिक्स)
HighLights
कौमी इंसाफ मोर्चा ने बुलाया सात घंटे का पंजाब बंद
सिख बंदियों की रिहाई के लिए हो रहा प्रदर्शन
नेशनल हाईवे और रेल ट्रैक पर धरने जारी
डिजिटल डेस्क, जालंधर। पंजाब में आज सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानों के शटर गिरे हुए हैं और बाजारों में दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा। पंजाब में आज सात घंटे तक स्थिति इसी तरह बनी रहेगी।
दरअसल, आज कौमी इंसाफ मोर्चा ने पंजाब बंद का आह्वान किया है। इस दौरान नेशनल हाईवे व रेल ट्रैक पर धरने हो रहे हैं। स्कूल, सरकारी व निजी संस्थान बंद हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बाधित है। हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं को बंद से छूट दी गई है।
क्या है पंजाब बंद की वजह?
कौमी इंसाफ मोर्चा सिख बंदियों की रिहाई के लिए प्रदर्शन कर रही है। सजा काटने के बाद भी जेलों में बंद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर सुबह सात से दोपहर दो बजे तक सात घंटे के लिए बंद का आह्वान किया गया है।

किन सिखों की रिहाई चाहती है कौमी इंसाफ?
कौमी इंसाफ मोर्चा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या और 1993 दिल्ली बम धमाके जैसे मामलों में सजा काट रहे बंदियों की रिहाई और पैरोल की मांग कर रहा है।
मोर्चे की प्रमुख मांगों में बलवंत सिंह राजोआना शामिल हैं, जिन्हें 2007 में फांसी की सजा सुनाई गई थी लेकिन इसे कई बार स्थगित किया जा चुका है। इसके साथ ही जगतार सिंह हवारा की रिहाई और पैरोल की मांग की जा रही है, जिन्हें फांसी की सजा मिली थी जिसे 2010 में उम्रकैद में बदल दिया गया था।
- अन्य बंदियों में जगतार सिंह तारा (उम्रकैद), परमजीत सिंह भ्योरा (फांसी की सजा) और देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर शामिल हैं।
- देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर साल 1993 में दिल्ली कार धमाका के आरोपी है। इस धमाके में एमएस बिट्टा टारगेट पर थे।
इसके अलावा 2010 में कैदी को भगाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने की साजिश में 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा पाए गुरदीप सिंह खेड़ा की रिहाई की मांग भी इस आंदोलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल है।

गुरुवार को की थी बंद की घोषणा
जालंधर में वीरवार को पत्रकार वार्ता में मोर्चा के कन्वीनर भाई पाल सिंह फ्रांस ने बताया कि पंजाब बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), अकाली दल वारिस पंजाब दे, किसान संगठनों के साथ-साथ व्यापारी संगठनों ने भी पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की थी।
धरने, प्रदर्शन और हाईवे व रेल ट्रैक बंद करने के लिए संगठनों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि संस्था तीन साल, सात महीने व 12 दिन से सरकार के समक्ष सजा पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद बंदी सिखों की रिहाई की गुहार लगा रही है।
राज्य और केंद्र सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जगतार सिंह हवारा को मां से मिलने के लिए एक दिन की भी पैरोल नहीं दे रही है। इस मौके पर बेगमपुरा खालसा राज पार्टी के प्रधान गुरविंदर सिंह बाजवा, शिअद (अमृतसर) के सुखजीत सिंह डरोली मौजूद थे।
