'बहुत सुंदर बांधी है...' पीएम मोदी के शब्दों ने जीता टर्बन मैन का दिल, जानें डेढ़ मिनट में सजी हरी पगड़ी की कहानी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पंजाब दौरे में शाही पगड़ी बांधने वाले जालंधर के सनप्रीत सिंह ने दैनिक जागरण से अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रधान ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के साथ टर्बन मैन सनप्रीत सिंह।
HighLights
पीएम मोदी ने पंजाब दौरे पर हरी पगड़ी पहनी थी।
जालंधर के सनप्रीत सिंह ने तीसरी बार पगड़ी बांधी।
मोदी जी ने सनप्रीत की कला की सराहना की।
आशीष तिवारी, जालंधर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 17 जुलाई के पंजाब दौरे के दौरान सिर पर सजी हरे रंग की सेमी पटियाला शाही पगड़ी ने सभी का दिल मोहा था। उनकी पगड़ी ने जहां उन्हें पंजाब से जोड़ा, वहीं हरे रंग ने किसानों को उनके करीब किया। इस पगड़ी को बांधने वाले जालंधर के टर्बन मैन सनप्रीत सिंह ने दैनिक जागरण से अपने अनुभवों को साझा किया।
सनप्रीत ने बताया कि ये यह तीसरा मौका था, जब उन्हें प्रधानमंत्री को पगड़ी बांधने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सामने खड़े होने पर घबराहट जरूर थी, लेकिन उनका पूरा ध्यान इस पर था कि पगड़ी बिल्कुल सही तरीके से सजे। कहीं से टाइट या ढीली न हो। सनप्रीत ने बताया कि जब प्रधानमंत्री उनके पास पहुंचे तो उन्होंने तुरंत पहचान लिया। मुस्कराते हुए कहा-
छोटी बांधना, पिछली बार से बढ़िया बांधना।
उनकी यह बात सुनकर आत्मविश्वास बढ़ गया और करीब डेढ़ मिनट में पगड़ी बांध दी। पगड़ी बांधने के बाद मोदी ने सामने लगे शीशे में खुद को देखा और मुस्कराते हुए कहा, ‘बहुत सुंदर बांधी है’।
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प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया बनी यादगार पल
जालंधर के सेंट्रल टाउन में रहने वाले सनप्रीत ने बताया कि इस बार प्रधानमंत्री को छह मीटर लंबी पगड़ी बांधी गई। पिछली बार की तरह इसका आकार लगभग समान था, लेकिन इस बार अंतिम लड़ (छोर) को मोरनी स्टाइल में रखने के बजाय बिल्कुल सीधा और सादा रखा गया, जो काफी जच रही थी। उनकी इच्छा थी कि प्रधानमंत्री से कुछ देर बात करूं, लेकिन समय बहुत कम था।साथ ही डर भी था कि कहीं बातचीत में ध्यान बंटने से पगड़ी बांधने में कोई कमी न रह जाए।
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पहले दो बार बिना पटके के बांधी थी पगड़ी
इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने भी कपड़ा संभालने में मदद की। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने प्रधानमंत्री के साथ मेरी एक तस्वीर भी खींची। सनप्रीत ने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के पीए ने उन्हें एक दिन पहले कार्यक्रम की जानकारी दी थी और विशेष रूप से हरे रंग की पगड़ी लाने के लिए कहा गया था।
हालांकि, पुलिस वेरिफिकेशन और सुरक्षा प्रक्रिया की जल्दबाजी में वह पगड़ी के नीचे बांधा जाने वाला पटका लाना भूल गए थे। बाद में समय रहते उसे मंगवा लिया गया। पहले दो बार यह पटका नहीं बांधा गया था, इसलिए उनकी इच्छा थी कि इस बार इसे जरूर बांधूं।
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जिंदगी की सबसे यादगार उपलब्धि
सनप्रीत ने भाजपा के पूर्व जिला प्रधान अमरजीत सिंह अमरी का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार उन्होंने ही प्रधानमंत्री को पगड़ी बांधने का मौका दिलाया था। तब वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री को पगड़ी बांधी थी। इसके बाद छह माह पहले फरवरी में डेरा बल्लां दौरे के समय भी प्रधानमंत्री मोदी को पगड़ी बांधी।
तब दोनों बार केसरी रंग की पगड़ी बांधी थी। अंत में सनप्रीत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को पगड़ी पहनाना मेरे लिए गर्व की बात है। यह अनुभव हमेशा मेरी जिंदगी की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल रहेगा।
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