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    पीआरटीसी कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से थमे बसों के पहिए, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 04:53 PM (IST)

    पीआरटीसी के संविदा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। बस सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई। यूनियन ने बर्खास्त कंडक्टर की ब ...और पढ़ें

    लुधियाना बस स्टैंड पर खड़ी बसें।

    लुधियाना बस स्टैंड पर खड़ी बसें।

    HighLights

    1. पीआरटीसी संविदा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर।

    2. बस सेवाएं ठप, यात्रियों को भारी असुविधा।

    3. कंडक्टर की बहाली और नियमितीकरण मुख्य मांगें।

    जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब सड़क परिवहन व्यवस्था को गुरुवार को बड़ा झटका लगा, जब पंजाब सड़क परिवहन निगम के संविदा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल का सीधा असर बस सेवाओं पर पड़ा और कई बसें डिपो तथा बस अड्डों पर ही खड़ी रह गईं। इसके कारण बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने मजबूरी में पंजाब रोडवेज अथवा निजी बसों से सफर किया।

    संविदा कर्मियों ने यह हड़ताल चंडीगढ़ डिपो के एक कंडक्टर को सेवा से बर्खास्त किए जाने के विरोध में शुरू की है। यूनियन का कहना है कि जब तक संबंधित कंडक्टर को दोबारा सेवा में बहाल नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन नेताओं ने साफ कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो हड़ताल लंबी खिंच सकती है।

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    मुख्य रूट हुए प्रभावित

    हड़ताल के कारण कई प्रमुख मार्गों पर पंजाब सड़क परिवहन निगम की बसों का संचालन प्रभावित रहा। बस अड्डों पर रोजाना की तरह यात्रियों की भीड़ तो पहुंची, लेकिन बसों की संख्या कम होने से लोगों को काफी असुविधा हुई। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और दूसरे शहरों की यात्रा पर निकले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने निजी बसों का सहारा लिया, जबकि कुछ लोगों को यात्रा स्थगित करनी पड़ी।

    यूनियन नेता करतार सिंह ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग चंडीगढ़ डिपो के बर्खास्त किए गए कंडक्टर की तत्काल बहाली है। इसके साथ ही लंबे समय से संविदा आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि किलोमीटर योजना को समाप्त किया जाए, क्योंकि इससे निगम के नियमित संचालन और कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

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    मांगें न माने जाने के कारण आंदोलन शुरू किया

    यूनियन का कहना है कि संविदा कर्मी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर विभाग का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। ऐसे में कर्मचारियों के पास आंदोलन का रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। उन्होंने कहा कि यदि विभाग व सरकार वार्ता के लिए आगे आती है और मांगों पर सकारात्मक फैसला लेती है तो आंदोलन पर पुनर्विचार किया जा सकता है।

    यात्री हुए परेशान

    दूसरी ओर, हड़ताल के कारण यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई यात्रियों ने कहा कि अचानक बस सेवाएं प्रभावित होने से उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। निजी बसों का किराया अधिक होने के कारण आर्थिक बोझ भी बढ़ा। वहीं कुछ यात्रियों ने मांग की कि सरकार और यूनियन को जल्द बातचीत कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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