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    मानसा में लेक्चररों की कमी पर फूटा गुस्सा, अभिभावकों ने स्कूल को जड़ा ताला; शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 03:39 PM (IST)

    लेक्चररों की कमी से नाराज अभिभावकों, पंचायत और स्कूल प्रबंधन समिति ने स्कूल गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। आश्वासन के बाद ताला खोला गया। ...और पढ़ें

    स्कूल के बाहर ताला जड़ते हुए अभिभावक।

    स्कूल के बाहर ताला जड़ते हुए अभिभावक।

    HighLights

    1. अध्यापकों की कमी को लेकर अभिभावकों ने किया प्रदर्शन।

    2. स्कूल गेट पर ताला लगाकर जताया विरोध, नारेबाजी की।

    3. डीईओ के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त, चेतावनी जारी।

    जागरण संवाददाता, बुढलाडा। मानसा के बुढलाडा क्षेत्र के सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुलरियां में अध्यापकों और लेक्चररों की कमी को लेकर शनिवार को अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। बच्चों के परिजनों, स्कूल प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत और भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

    इस दौरान स्कूल यूनिफॉर्म में पहुंचे बच्चों ने भी अपने अभिभावकों के साथ शिक्षा विभाग और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लंबे समय से स्कूल में विभिन्न विषयों के अध्यापकों और लेक्चररों के पद खाली पड़े हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

    कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते शिक्षक उपलब्ध कराए गए होते तो उन्हें इस तरह का विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।

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    mansa student

    स्कूल के बाहर बैठे बच्चे।

    750 विद्यार्थी स्कूल में

    जानकारी के अनुसार सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुलरियां में करीब 750 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। इसके बावजूद विद्यालय में अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान और विज्ञान वर्ग के लेक्चररों की भारी कमी बनी हुई है। इससे विशेष रूप से वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

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    स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. बंत सिंह और समिति सदस्य खजांची राम ने बताया कि वे पहले भी जिला शिक्षा अधिकारी से मिल चुके हैं। उस समय उन्हें नियमित अध्यापकों की नियुक्ति का भरोसा दिया गया था, लेकिन इसके विपरीत स्कूल से चार अध्यापकों का तबादला हो गया।

    उन्होंने बताया कि पूरे क्षेत्र के नौ वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए केवल एक ही प्राचार्य कार्यरत है। इसके अलावा लेक्चरर, मुख्य अध्यापक, लिपिक और सफाई कर्मचारियों के कई पद भी लंबे समय से खाली पड़े हैं।

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    डीईओ ने की अभिभावकों से बातचीत

    विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने स्कूल गेट पर ताला लगाकर अपना रोष जताया। बाद में उप जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. परमजीत सिंह भोगल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि विज्ञान वर्ग के अध्यापकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव निदेशक लोक शिक्षा को भेज दिया गया है। साथ ही अन्य विषयों के रिक्त पद भी जल्द भरने का प्रयास किया जाएगा।

    आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने स्कूल का ताला खोल दिया और बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू करवाई गई। हालांकि अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही रिक्त पद नहीं भरे गए तो वे दोबारा बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जब तक स्कूल में पर्याप्त अध्यापक नियुक्त नहीं होते, तब तक उनकी मांग जारी रहेगी।

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