गौरतलब है कि सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर 6 मई से सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन काम छोड़ हड़ताल पर चले गए थे। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। मुख्य बाजारों, गलियों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए थे। हालात इतने खराब हो गए थे कि कई जगहों पर लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया था।
कूड़े के ढेरों से उठने वाली दुर्गंध के कारण वातावरण दूषित हो रहा था। इसके साथ ही लोगों में बीमारियां फैलने का डर भी लगातार बना हुआ था। शहरवासियों और दुकानदारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही थी। कई इलाकों में लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग भी उठाई थी।
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सहमति बनने के बाद हड़ताल खत्म
बताया जा रहा है कि वीरवार को यूनियन के उच्च अधिकारियों और पंजाब सरकार के बीच हुई बैठक में कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह से ही सफाई कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंच गए और सफाई कार्य शुरू कर दिया।
सुबह से शहर के अलग-अलग हिस्सों में कूड़ा उठाने वाले वाहन भी सक्रिय दिखाई दिए। सफाई कर्मचारियों ने सबसे पहले उन स्थानों को प्राथमिकता दी जहां सबसे ज्यादा कूड़ा जमा था। कई स्थानों पर मशीनों और ट्रैक्टर ट्रालियों की मदद से कूड़ा उठाया गया।
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कुछ दिनों में सारा कूड़ा उठाएगा निगम
शहरवासियों ने सफाई व्यवस्था बहाल होने पर राहत जताई। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने पंजाब सरकार तथा हलका विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से शहर गंदगी की समस्या से जूझ रहा था। अब सफाई व्यवस्था दोबारा शुरू होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में पूरे शहर से जमा कूड़ा पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को नियमित बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना तैयार की जा रही है।