यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab News: आंधी और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को पहुंचा नुकसान, किसानों ने सरकार से की ये मांग
पंजाब में देर रात आई आंधी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि होने से कई क्षेत्रों में गेंहू और सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। श्री मुक्तसर साहिब मे ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। देर रात आंधी के साथ तेज बारिश व ओलावृष्टि होने से गेहूं व सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। जिले में सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। किसानों को पैदावार कम होने का डर सताने लगा है। बता दें कि जिले में दो लाख 25 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल की बिजाई की जाती है।आंधी के साथ बारिश व ओलावृष्टि से मुक्तसर, मलोट, गिद्दड़बाहा, दोदा, लंबी सहित अन्य क्षेत्रों में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की देर शाम को आसमान में बादल छाने के बाद तेज हवाएं शुरू हो गई। वहीं, शनिवार की अलसुबह करीब तीन बजे एकदम से तेज आंधी के साथ बारिश व ओलावृष्टि शुरू हो गई, जिससे लोगों को दोपहर के समय पड़ रही गर्मी से कुछ राहत तो मिल गई लेकिन गेहूं व सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंच गया। बता दें कि फसल पकने को तैयार थी। एक अप्रैल से गेहूं की कटाई शुरू होने वाली है लेकिन बारिश ने किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा दिया है।

जल्द गिरदावरी करवाकर फसल का मुआवजा दिया जाए- किसान
गांव ढबवाली ढाब के किसान जोगिंदर सिंह, जसदेव सिंह, रेशम सिंह, गुरनाम सिंह, हरप्रीत सिंह, बलजिंदर सिंह, सुरजीत सिंह, हरबंस सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल पकने को तैयार थी और कुछ दिनों के भीतर वह गेहूं की कटाई करने की सोच रहे थे। वहीं उन्हें इस बार उम्मीद थी कि पैदावार अधिक निकलेगी। लेकिन बारिश ने उनके सभी सपनों पर पानी फेर दिया है। गेहूं की फसल अब जमीन पर बिछ गई है। अब यहां कटाई करनी मुश्किल हो जाएगी।
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कम पैदावार होने का बढ़ा खतरा
पैदावार भी कम होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने भरे मन से कहा कि बारिश से उनका काफी नुकसान हो गया है। अब राज्य सरकार से अपील करते हैं कि वह जल्द प्रभावित फसल की गिरदावरी करवा कर उन्हें मुआवजा दें ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। सरकार को किसानों के बारे सोचना चाहिए। उन्होंने मांग की कि किसानों की फसल का बीमा किया जाए। किसान अपनी फसल से बीमे की किस्त भरने को भी तैयार हैं जिससे किसान की फसल सुरक्षित रहे।
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अभी कुछ दिन और सताएगा बारिश का डर
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन से चार दिन धूप के साथ साथ बीच-बीच में बादल छाए रहेंगे। वहीं बारिश की भी आशंका बनी रहेगी। अगर फिर से बारिश और आंधी आती है तो किसानों की फसल को और ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है।