मुक्तसर के मलोट अस्पताल की ओपीडी में गिरा मलबा, इलाज कराने पहुंचे शख्स का फटा सिर, डॉक्टर का हाथ हुआ फ्रैक्चर
सिविल अस्पताल मलोट की जर्जर ओपीडी की छत से मलबा गिरने से डॉक्टर और मरीज घायल हो गए। घटना के बाद भवन की सुरक्षा पर सवाल उठे।

अस्पताल में हुई घटना की जानकारी देते हुए डॉक्टर व मरीज।
HighLights
मलोट अस्पताल की ओपीडी में छत से अचानक मलबा गिरा।
सर्जन डॉ. विकास और मरीज भगवान दास गंभीर रूप से घायल हुए।
जर्जर इमारत की मरम्मत की मांग पर अब कार्रवाई का आश्वासन।
संवाद सूत्र, मलोट (मुक्तसर)। मुक्तसर में सिविल अस्पताल मलोट की जर्जर इमारत में चल रही ओपीडी में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां ओपीडी कक्ष की खस्ता छत से अचानक मलबा गिरने से एक डॉक्टर और एक मरीज गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब 12 बजे कमरा नंबर 107 में हुआ।
उस समय सर्जन डाॅ. विकास कुमार बांसल मरीजों की ओपीडी देख रहे थे। इसी दौरान पटेल नगर गली नंबर 12 मलोट निवासी भगवान दास चेकअप करवाने के लिए कमरे में पहुंचे। डाॅक्टर उनका चेकअप कर पर्ची पर दवा लिख ही रहे थे कि ऊपर से अचानक मलबे का बड़ा टुकड़ा टूटकर गिर पड़ा।
मलबा सीधे भगवान दास के सिर पर जा लगा जिससे उनका सिर फट गया। शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गंभीर चोटें आईं। वहीं मलबा डॉक्टर बांसल के हाथ पर भी गिरा, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई। शरीर के अन्य हिस्सों पर उन्हें मामूली चोटें आई हैं।
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9 साल से जर्जर बिल्डिंग में बैठे हैं डॉक्टर
डॉ. विकास बांसल ने बताया कि वह पिछले करीब नौ साल से मलोट सिविल अस्पताल में सर्जन के पद पर तैनात हैं। जिस बिल्डिंग में ओपीडी चलती है उसकी हालत काफी समय से खराब है और इसकी शिकायत विभाग को कई बार दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि शनिवार मैं सुबह आठ बजे से मरीज देख रहा था।
करीब 12 बजे भगवान दास चेकअप के लिए आए। दवा लिखते समय ही छत से मलबा गिर गया। मलबे के नीचे आने से हम दोनों को चोटें आई हैं। भगवान दास के सिर और शरीर पर ज्यादा चोट होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। हादसे के समय बाहर बड़ी संख्या में मरीज चेकअप के लिए लाइन में खड़े थे। गनीमत रही कि वे बाल-बाल बच गए।
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मरीज को अस्पताल में करवाया गया दाखिल
घायल मरीज भगवान दास ने कहा कि वह डॉक्टर से दवा लेने आया था, लेकिन चेकअप के दौरान ही हादसे का शिकार हो गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल की इस जर्जर बिल्डिंग की जल्द मरम्मत करवाई जाए ताकि यहां आने वाले मरीजों और ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों की जान को खतरा न हो। फिलहाल दोनों का इलाज मलोट सिविल अस्पताल में ही किया गया है।
भगवान दास की हालत को देखते हुए उन्हें भर्ती कर लिया गया है। अस्पताल में आए अन्य लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बिल्डिंग की मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
खस्ता हाल में है बिल्डिंग
सिविल अस्पताल मलोट में जहां मरीजों की ओपीडी देखी जाती है वो बिल्डिंग दशकों पुरानी बनी है। सालों से इसकी हालत खराब है। छत से मलबा गिरता रहता है। यह मामला सेहत विभाग के बड़े अधिकारियों के ध्यान में है। उन्होंने सरकार के ध्यान में लाने की भी बात कही है। लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं होने से ऐसा लग रहा है जैसे सरकार व विभाग भी किसी हादसे के इंतजार में था।
इस घटना की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री और मलोट हलके की विधायक डाॅ. बलजीत कौर से बात की गई। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और अस्पताल की बिल्डिंग में सुधार के लिए जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
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