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    युद्ध नशे विरुद्ध मोगा रैली से पहले विवाद; ड्यूटी से पटवारियों का बायकाट, राजनीतिक रंग देने के आरोप लगाए

    Updated: Sun, 15 Feb 2026 01:19 PM (GMT+05:30)

    श्री मुक्तसर साहिब में मोगा की "युद्ध नशे के विरुद्ध" रैली से पहले विवाद खड़ा हो गया है। द रेवेन्यू पटवार यूनियन ने रैली के लिए बसों में लगाई गई ड्यूट ...और पढ़ें

    नशों के खिलाफ पंजाब में जगह-जगह रैलियां निकाली जा रही हैं। (फाइल फोटो)

    नशों के खिलाफ पंजाब में जगह-जगह रैलियां निकाली जा रही हैं। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. पटवारियों ने मोगा रैली की ड्यूटी का बायकाट किया।

    2. ड्यूटी को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया गया।

    3. गैर-राजस्व कार्यों में लगाने पर संघर्ष की चेतावनी।

    जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। पंजाब सरकार द्वारा मोगा में आयोजित की जा रही “युद्ध नशे के विरुद्ध” मेगा रैली से पहले श्री मुक्तसर साहिब में विवाद खड़ा हो गया है। रैली के लिए मुक्तसर से रवाना होने वाली बसों में ड्यूटी लगाने के आदेशों का द रेवेन्यू पटवार यूनियन ने बायकाट कर दिया है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि पटवारियों की ड्यूटी को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और उन्हें गैर रेवेन्यू कार्यों में लगाया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार 12 फरवरी को उप मंडल मजिस्ट्रेट मलोट की ओर से जारी पत्र में निर्देश दिए गए थे कि मोगा रैली में जाने वाली बसों में पटवारियों को कोआर्डिनेटर नियुक्त किया जाए। उन्हें बसों में सवार लोगों की गिनती करना, पीने के पानी और रिफ्रैशमेंट की व्यवस्था देखना, बस रवाना होने और रास्ते में रुकने के दौरान फोटो लेकर ग्रुप में साझा करना, वीडीसी सदस्यों को फोन कर सूचना देना और नशा मुक्ति ऐप डाउनलोड करवाना जैसी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

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    ड्यूटी का बायकाट करने का फैसला

    द रेवेन्यू पटवार यूनियन के प्रधान हरजिंदर सिंह ने बताया कि जिला इकाई की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि उक्त ड्यूटी का बायकाट किया जाएगा। उनका कहना है कि पटवारी राजस्व विभाग के कर्मचारी हैं और उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी राजस्व संबंधी कार्यों की है। विधायक और ब्लॉक प्रधान को रिपोर्ट करने के निर्देश से ड्यूटी को राजनीतिक स्वरूप देने की आशंका है।

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    कर्मचारियों पर दबाव डालने का आरोप

    यूनियन ने यह भी सवाल उठाया कि रिफ्रैशमेंट और अन्य व्यवस्थाओं के लिए किसी प्रकार के फंड या बजट का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है। यूनियन ने चेतावनी दी कि भविष्य में पटवारियों को गैर रेवेन्यू कार्यों में लगाया गया तो संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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